आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सरकार ने जनपदवासियों को बेहतर और सुलभ इलाज मुहैया कराने के मकसद से मेडिकल कॉलेज की स्थापना की, ताकि गंभीर से गंभीर बीमारी में भी लोगों को अपने जिले में ही उपचार मिल सके। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस मेडिकल कॉलेज को स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद बनना था, वह आज इलाज से ज्यादा अपनी अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में है। मरीजों को दवाओं के लिए बाहर भटकने की शिकायतें हैं, तो अस्पताल में साफ-सफाई, पेयजल, जांच, चिकित्सकों और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सवाल सिर्फ व्यवस्थाओं का नहीं, बल्कि उस भरोसे का भी है, जिसके साथ आम जनता इस मेडिकल कॉलेज की दहलीज पर पहुंचती है। इन्हीं समस्याओं को लेकर आज आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकान्त के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज परिसर में विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद प्राचार्य को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध होने के बावजूद मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए पर्ची थमा दी जाती है। परिसर में जन औषधि केंद्र संचालित होने के बाद भी ऐसी शिकायतें सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। वहीं, ट्रामा सेंटर और वार्डों में साफ-सफाई, शौचालयों की स्थिति तथा पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी नाराजगी जताई गई। खराब लिफ्ट, पंखे और लाइट की कमी जैसी समस्याओं से मरीजों और तीमारदारों को जूझना पड़ रहा है।
मांगपत्र में आपातकालीन सेवाओं में अनुभवी चिकित्सकों की पर्याप्त उपलब्धता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रात के समय पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती नहीं होने से गंभीर मरीजों को परेशानी होती है। रक्त जांच की रिपोर्ट मिलने में देरी और कुछ नमूनों को बाहर भेजे जाने की शिकायत भी की गई। इसके अलावा आर्थोपेडिक उपचार में रॉड और स्टील आदि के नाम पर कथित रूप से पैसे लिए जाने, आयुष्मान भारत योजना के तहत उपचार, वार्डों में कूड़ेदान की व्यवस्था, जनरेटर संचालन और एल-2 वार्ड में कर्मचारियों की कमी जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा गया।
मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भटक रहे मरीज –
आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष रविकान्त ने कहा कि “इन समस्याओं को लेकर 16 अक्टूबर को भी शिकायत की गई थी, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज आम जनता की सुविधा के लिए बनाया गया है, ऐसे में मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़े, यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।”
व्यवस्थाओं में किया जा रहा सुधार –
मामले में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आई0जे0 भट्टाचार्य ने बताया कि “अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साफ-सफाई की जिम्मेदारी नई एजेंसी को दी गई है तथा कर्मचारियों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई गई है। उनके मुताबिक पिछले एक महीने में व्यवस्थाओं में सुधार हुआ है। पेयजल के लिए लगाए गए अधिकांश आरओ प्लांट काम कर रहे हैं, जबकि खराब प्लांटों को भी जल्द दुरुस्त कराया जाएगा। ऑक्सीजन प्लांट को शुरू कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। प्राचार्य ने बताया कि चिकित्सकों और जन औषधि केंद्र संचालकों के साथ बैठक कर दवाओं की उपलब्धता से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई है। अस्पताल का दवा काउंटर पिछले एक महीने से 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। कुछ मामलों में मरीज की स्थिति और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक दवाएं लिखी जाती हैं। जांच रिपोर्ट के संबंध में उन्होंने कहा कि अधिकांश रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दी जाती हैं, जबकि विशेष जांचों में अधिक समय लग सकता है।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






