Sonbhadra News : अधिवक्ता की हत्या पर भड़का वकीलों का गुस्सा, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट सहित अन्य मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

SHARE:

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । कानपुर में बार एसोसिएशन अध्यक्ष की हत्या ने प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथी अधिवक्ता की नृशंस हत्या से आक्रोशित जिले के वकीलों ने मंगलवार को सड़क पर उतरकर विरोध जताया। कोर्ट और तहसील परिसर से कलेक्ट्रेट तक जुलूस निकालकर अधिवक्ताओं ने सरकार से मांग किया कि वकीलों की सुरक्षा को लेकर अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कानून चाहिए। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ को राज्यपाल के नाम चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर हत्यारों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट तत्काल लागू करने की मांग की गई।

सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक प्रसाद श्रीवास्तव की अध्यक्षता तथा महामंत्री योगेश कुमार द्विवेदी के संचालन में अधिवक्ताओं ने परिसर में जुलूस निकाला। इसके बाद सभी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी कार्यालय पर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान एक नवंबर को कानपुर के कालपी तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार एडवोकेट की हत्या की कड़ी निंदा की गई।

अधिवक्ताओं ने कहा कि वकीलों पर लगातार हो रहे हमले और आपराधिक घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। न्यायिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले अधिवक्ता ही यदि सुरक्षित नहीं रहेंगे तो उनके कार्य और स्वतंत्रता पर भी असर पड़ेगा। ऐसी घटनाएं अधिवक्ता समाज में भय और असुरक्षा की भावना पैदा कर रही हैं। उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून लागू करे, ताकि उनके जीवन और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

ज्ञापन में गयादीन अहिरवार के हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर कानूनी कार्यवाही करने, मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को बिना विलंब लागू करने पर जोर दिया गया।

प्रदर्शन में गोविंद प्रसाद मिश्र, राकेश शरण मिश्र, ओम प्रकाश त्रिपाठी, रमेश प्रसाद चौबे, आनंद मिश्र, राजीव सिंह गौतम, अखिलेश पाण्डेय, विनोद शुक्ला, प्रभात मिश्र, अरुण सिंघल, पवन मिश्रा, मनोज मिश्रा, आशुतोष दुबे, बंसी पाण्डेय, गीता गौर, अभिषेक श्रीवास्तव, अंकित सिंह, भानु चौहान, सुजीत, धीरज, राहुल जैन, राघवेंद्र नारायण, प्रभाकर श्रीवास्तव, रोशनलाल यादव, बिंदू यादव और कंचन सिन्हा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल रहे।

Anand Kumar Chaubey
Author: Anand Kumar Chaubey

9 years experience in Journalism....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Most Recent

Follow Us Now