Sonbhadra News : 15 दिन बढ़ी संचारी रोग नियंत्रण अभियान की अवधि

SHARE:

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । जिले में संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए चलाया गया स्वास्थ्य विभाग का अभियान निर्धारित समय में अपने सभी लक्ष्य पूरे नहीं कर सका। अक्टूबर महीने में आशाओं की हड़ताल और स्वास्थ्य विभाग के सामने खड़ी कार्यगत चुनौतियों के बीच अब अभियान की अवधि 15 दिन और बढ़ा दी गई है। 30 अक्टूबर को समाप्त हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान को अब 15 नवंबर तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिले में गठित 1700 टीमों को दोबारा गांवों में सक्रिय किया गया है। अब सवाल यह है कि एक महीने के अभियान में जो काम अधूरे रह गए, उन्हें अतिरिक्त 15 दिनों में कितना पूरा किया जा सकेगा?

दरअसल, जिले में एक से 30 अक्टूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित किया गया था। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमों को घर-घर पहुंचकर लोगों को संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूक करने, बुखार के मरीजों को चिह्नित करने, संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार सुनिश्चित कराने तथा साफ-सफाई के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन इसी दौरान आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों की हड़ताल ने स्वास्थ्य विभाग की मैदानी गतिविधियों को प्रभावित करने की चुनौती खड़ी कर दी।

गौरतलब है कि अक्टूबर में जिले की बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और संगिनियां अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार और आंदोलन पर थीं। मानदेय, नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर शुरू हुए इस आंदोलन के बीच स्वास्थ्य विभाग के सामने घर-घर तक सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं को पहुंचाने की चुनौती बनी रही। 24 अक्टूबर को मिशन निदेशक स्तर पर हुई वार्ता के बाद आशाओं ने आंदोलन स्थगित कर 25 अक्टूबर से काम पर लौटने का निर्णय लिया था। ऐसे में अभियान के शुरुआती दिनों में मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित गतिविधियां प्रभावित होने की परिस्थितियां बनी रहीं।

अब अधूरे काम पूरे करने के लिए 1700 टीमों को जिम्मेदारी –

अभियान की अवधि बढ़ाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एक बार फिर गांवों में निगरानी और जागरूकता गतिविधियां तेज करने की तैयारी की है। एक से 15 नवंबर तक टीमें घर-घर जाकर लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव के तरीके बताएंगी। इसके साथ ही छूटे हुए घरों का सर्वे, संदिग्ध मरीजों की पहचान, जांच और उपचार तथा साफ-सफाई से जुड़े कार्यों को पूरा करने पर जोर रहेगा।

बेमौसम बारिश के बाद बढ़ा बीमारियों का खतरा –

हाल के दिनों में हुई बेमौसम बारिश ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। विभाग की ओर से लोगों को घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, कूलर और गमलों की नियमित सफाई करने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जागरूकता की जिम्मेदारी –

स्वास्थ्य विभाग के इस अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। घर-घर जाकर लोगों को साफ-सफाई, मच्छरों से बचाव और बीमारी के लक्षणों की जानकारी देना अभियान का प्रमुख हिस्सा है। बुखार आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं लेने की भी अपील की जा रही है। डेंगू, मलेरिया और कालाजार जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए संदिग्ध मरीजों की पहचान और समय से उपचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

सीएमओ बोले- 15 नवंबर तक चलेगा अभियान

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि “संचारी रोग नियंत्रण अभियान की अवधि 15 दिन बढ़ाई गई है। पहले यह अभियान एक से 30 अक्टूबर तक संचालित हुआ था, लेकिन अधूरे कार्यों को पूरा करने और लोगों को बीमारियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से अब इसे 15 नवंबर तक जारी रखा जाएगा।”

 

Anand Kumar Chaubey
Author: Anand Kumar Chaubey

9 years experience in Journalism....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow Us Now