आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । दीपावली के अवसर पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रदेश सरकार ने दो निःशुल्क गैस सिलेंडर रिफिल का उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी वितरण का शुभारंभ किया। इस योजना से जनपद के 2,54,745 पात्र उज्ज्वला लाभार्थी परिवारों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री के संबोधन का डीपीआरसी सेंटर में सजीव प्रसारण किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और लाभार्थियों ने देखा व सुना।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, जिलाधिकारी चर्चित गौड़, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, चोपन ब्लॉक प्रमुख लीला गोंड़, नगवां ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष कमलेश मोहन, पिपरी नगर पंचायत अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता, एआरओ पृथ्वीराज समेत अन्य जनप्रतिनिधि और लाभार्थी मौजूद रहे।
इस मौके पर अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को स्वच्छ रसोई ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है। दीपावली पर दो निःशुल्क गैस सिलेंडर रिफिल की सुविधा मिलने से लाभार्थी परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत कुल 2,54,745 लाभार्थी परिवार पंजीकृत हैं। सभी पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसियों को निर्देशित किया कि सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी एवं सुचारु ढंग से पूरी कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
प्रत्येक सिलेंडर पर 1026 रुपये की सब्सिडी –
योजना के तहत प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक पात्र उज्ज्वला लाभार्थी परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश सरकार ने करीब 1500 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई है। प्रत्येक पात्र परिवार को दो गैस सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक सिलेंडर पर कुल 1026 रुपये की सब्सिडी निर्धारित है, जिसमें राज्य सरकार का अंश 659.33 रुपये और केंद्र सरकार का अंश 366.67 रुपये है।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






