आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का ऐलान किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, सोनभद्र के जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने कर्मचारियों की मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपते हुए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी और जल्द समाधान की मांग की। संघ ने स्पष्ट किया है कि 4 अक्टूबर 2026 तक मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
संघ की सबसे प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों ने ₹10 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा, डीए, ईपीएफ एवं एचआरए का लाभ, गैर-जनपद स्थानांतरण की सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का NHM में समायोजन तथा नियमित भर्ती में 25 प्रतिशत पदों पर बैकडेट/कोटा देने की मांग उठाई है।
सालों से जिम्मेदारी निभा रहे, फिर भी सुविधाओं से वंचित – पुष्पेंद्र शुक्ला
जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने कहा कि “NHM संविदा कर्मचारी लंबे समय से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में संविदा कर्मचारियों की बड़ी भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारियों को नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और जरूरी सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संघ सरकार और स्वास्थ्य विभाग से टकराव नहीं चाहता, बल्कि बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहता है। कर्मचारियों की मांगों पर यदि समय रहते सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो आंदोलन की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। लेकिन लगातार मांगों की अनदेखी होने की स्थिति में कर्मचारी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे।”
तीन दिन काली पट्टी, फिर कार्य बहिष्कार –
संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 5, 6 और 7 अक्टूबर को NHM कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद 8, 9 और 10 अक्टूबर को जनपद मुख्यालय के साथ सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बावजूद मांगों का समाधान नहीं होने पर 12 अक्टूबर 2026 से लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की गई है।
जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें केवल वेतन या सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से सेवा दे रहे संविदा कर्मचारियों के भविष्य की सुरक्षा और सम्मानजनक सेवा व्यवस्था से जुड़ी हैं। उन्होंने सरकार से 4 अक्टूबर की समयसीमा से पहले मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।






