आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शुक्रवार को संयुक्त वामदल के कार्यकर्ताओं ने स्वर्ण जयंती चौक स्थित पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित कार्यक्रम में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। धरना समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा गया।
धरने से पहले कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त की कथित पक्षपातपूर्ण कार्यशैली के चलते बड़ी संख्या में मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हुए हैं। नेताओं ने निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता और निष्पक्षता बहाल करने की मांग उठाई।
वक्ताओं ने केरल के तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा ज्ञानेश कुमार को लेकर किए गए कथित खुलासे का हवाला देते हुए उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आचार संहिता और दल-बदल विरोधी कानून के पालन को लेकर आयोग की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। हालांकि, ये आरोप वामदलों द्वारा लगाए गए हैं।
वामदलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से मताधिकार से वंचित मतदाताओं का अधिकार बहाल करने और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करते हुए चयन समिति गठित करने की मांग रखी गई।
इसके अलावा प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से स्वर्ण जयंती चौक पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा कचहरी स्थित चौराहे पर शहीद-ए-आजम भगत सिंह की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी की गई।
धरने को माकपा जिला मंत्री नंदलाल आर्य, भाकपा जिला सह सचिव देव कुमार विश्वकर्मा, माले के राज्य सचिव सुधाकर यादव, खेत मजदूर यूनियन के चंदन प्रसाद पासवान और किसान सभा के प्रेमनाथ सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। अध्यक्षता पकड़ूं सिंह कुशवाहा ने तथा संचालन ईश्वर दयाल ने किया। इस दौरान श्याम नारायण सिंह, बसावन गुप्ता, अमरनाथ सूर्य, नागेंद्र कुमार, मोहम्मद मुस्तफा, पुरुषोत्तम, दिनेश कोल और कमली देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।






