आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज तहसील में उपजिलाधिकारी सदर की कार्यप्रणाली और कथित दुर्व्यवहार से नाराज लेखपालों ने अनिश्चितकालीन संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। लेखपालों का आरोप है कि एसडीएम की ओर से लगातार दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना की जा रही है। इससे क्षुब्ध होकर तहसील राबर्ट्सगंज के सभी लेखपालों ने कलमबंद हड़ताल का निर्णय लिया और धरने पर बैठ गए। लेखपालों ने एसडीएम सदर के तबादले की मांग उठाई है।
लेखपालों का आरोप है कि धारा 24 उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 से संबंधित मामले में पत्थरगढ़ी और फील्डबुक जमा न करने के आरोप में लेखपाल रामचन्द्र के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। लेखपालों के मुताबिक, रामचन्द्र का डीपीसी प्रकरण भी चल रहा है और जांच अधिकारी की ओर से जांच आख्या प्रस्तुत किए जाने के बावजूद विभागीय कार्यवाही समाप्त नहीं की गई।
लेखपालों का आरोप है कि इस संबंध में एसडीएम सदर से कार्यवाही समाप्त करने का अनुरोध किया गया, लेकिन कथित तौर पर उनकी ओर से कार्यवाही समाप्त नहीं करने की बात कही गई। इसी को लेकर लेखपालों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया।
एसडीएम के तबादले की मांग –
धरने पर बैठे लेखपालों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता और एसडीएम की कार्यप्रणाली को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। लेखपालों ने एसडीएम सदर के तबादले की मांग भी उठाई।
लेखपालों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो : संजय सिंह
तहसील अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि लेखपालों के साथ किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामचन्द्र के मामले में जांच प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद विभागीय कार्रवाई लंबित रखे जाने से लेखपालों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि संगठन अपने साथी लेखपाल के साथ खड़ा है और एसडीएम सदर की कार्यप्रणाली की जांच कराते हुए उनका तबादला किया जाना चाहिए।
समस्या का समाधान होने तक जारी रहेगा आंदोलन : साजिद खान वारसी
तहसील मंत्री साजिद खान वारसी ने कहा कि लेखपालों ने मजबूरी में कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए सम्मानजनक व्यवहार जरूरी है। उन्होंने कहा कि संगठन ने कई बार समस्याओं के समाधान की अपेक्षा की, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। जब तक लेखपालों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर तहसील अध्यक्ष संजय सिंह, तहसील मंत्री साजिद खान वारसी, अभिनव, शैलेन्द्र, मनीष, रामचन्द्र, पंकज, मुकेश, सुधीर, अभिषेक, रत्नेश, संजीव श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।
लेखपालों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। वहीं लेखपालों की ओर से रामचन्द्र के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय किए जाने की बात कही गई।






