जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में दर्ज रंगदारी, जबरन वसूली और लूट के गंभीर मामलों में वांछित चल रहे निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह ने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया। उनके खिलाफ 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था और एसआईटी की टीमें उनकी तलाश में वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज सहित कई जिलों में लगातार दबिश दे रही थीं। पुलिस ने आरोपी निलंबित थानाध्यक्ष को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि मामले में उनकी संलिप्तता और फरार चल रहे अन्य सहयोगियों के बारे में अहम जानकारियां जुटाई जा सकें।
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि इस पूरे आपराधिक नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए करीब 40 मोबाइल नंबर सर्विलांस पर रखे गए हैं। जांच टीम ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों और केराकत क्षेत्र के पहाड़ी पट्टी निवासी संकीत व उसके भाई विकास सिंह से जेल में तीन घंटे पूछताछ की, जिन्होंने सुरेरी के देहुआ निवासी 25 हजार के इनामी राज नारायण गिरी से अपने संबंधों की बात कबूल की है। इस मामले में निलंबित आरक्षी सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी है। दिव्य प्रकाश सिंह के समर्पण के बाद अब एसआईटी फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए उनके कॉल डिटेल्स और नेटवर्क की तेजी से पड़ताल कर रही हैं।
Author: NAV HIND SAMACHAR
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