आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• धान की फसल को मिली संजीवनी, मिर्च-टमाटर की खेती पर मंडराया नुकसान का खतरा
सोनभद्र । बंगाल की खाड़ी के चक्रवाती तूफान का असर जिले में बुधवार की रात से दिखने लगा। तेज हवा के साथ झमाझम और रिमझिम बारिश का क्रम आज सुबह से ही जारी रहा। लगातार बारिश से शहर से लेकर गांव तक सड़कें और गलियां कीचड़ व फिसलन से सराबोर हो गईं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। बरसात से जहां खरीफ की मुख्य फसल धान को संजीवनी मिली है, वहीं तापमान में आई कमी से लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली है। बीते 24 घंटे से हो रही हल्की और तेज बारिश लोगों को ‘हथिया’ नक्षत्र की आहट का संदेश देने लगी है।
बारिश के चलते तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 27.2 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि बुधवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस था। इस तरह 24 घंटे के भीतर अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। तापमान गिरने से उमसभरी गर्मी से परेशान लोगों को काफी राहत मिली।
धान की फसल को मिली संजीवनी –
झमाझम बारिश ने धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल को पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को सिंचाई पर होने वाले खर्च में भी कमी की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि इस समय हुई बारिश धान की फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। लौटते मानसून की बारिश से फसल की स्थिति बेहतर होने और पैदावार बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
बारिश को ग्रामीण इलाकों में ‘हथिया’ नक्षत्र की आहट से भी जोड़कर देखा जा रहा है। बीते 24 घंटे से रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम में बदलाव का स्पष्ट संकेत दे दिया है।
तेज हवा से धान गिरने का खतरा –
हालांकि बारिश के साथ चल रही तेज हवा किसानों के लिए चिंता का कारण भी बनी हुई है। ऊंची हो चुकी अथवा पकने की ओर बढ़ रही धान की फसल के गिरने की आशंका बनी हुई है। वहीं मिर्च और टमाटर की फसल के लिए लगातार बारिश नुकसानदायक साबित हो सकती है। खेतों में अधिक पानी जमा होने से इन फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की संभावना है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जलजमाव पर नजर रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है। साथ ही फसलों पर किसी भी प्रकार की दवा का छिड़काव मौसम साफ होने के बाद ही करने की सलाह दी गई है।
आपदा विभाग ने जारी की सावधानी –
मौसम खराब रहने को देखते हुए आपदा विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को जंगल और खुले स्थानों पर जाने से बचने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। विभाग ने मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक जोखिम न लेने और सावधानी बरतने पर जोर दिया है।





