अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। इस बहुचर्चित प्रकरण में पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल राव को आरोपी बनाने के बजाय सरकारी गवाह बनाया है। 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमे की विस्तृत विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस द्वारा विशेष न्यायाधीश (एंटी करप्शन) की अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में इन तीनों प्रमुख पदाधिकारियों के नाम गवाहों की आधिकारिक सूची में शामिल किए गए हैं।
पुलिस की ओर से अदालत में पेश की गई चार्जशीट में इस पूरे मामले के निस्तारण और निष्पक्ष न्याय प्रक्रिया के लिए कुल 133 लोगों को गवाह बनाया गया है। आने वाले दिनों में जब अदालत में मुकदमे का औपचारिक ट्रायल (सुनवाई) शुरू होगा, तब इन सभी गवाहों के विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे। कानूनी जानकारों के अनुसार, चंपत राय और अन्य ट्रस्टियों से मुख्य रूप से मंदिर में रामलला को अर्पित होने वाले चढ़ावे की गिनती, उसकी सुरक्षा व्यवस्था, आंतरिक प्रबंधन और वित्तीय प्रक्रियाओं से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य और जानकारियां अदालत के समक्ष ली जाएंगी।
गौरतलब है कि चढ़ावा चोरी की घटना के वक्त चंपत राय ट्रस्ट के महासचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिसके चलते ट्रस्ट की आंतरिक व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर लगातार सवाल उठते रहे थे। पहली जांच में भी व्यवस्था से जुड़ी कमियों की बात सामने आई थी, लेकिन अंतिम चार्जशीट में पुलिस ने उन्हें मुख्य आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए गवाह के रूप में सूचीबद्ध किया है। अब देखना यह होगा कि मुकदमे की अदालती सुनवाई के दौरान जब उनसे मंदिर की तत्कालीन सुरक्षा और व्यवस्था से जुड़े तीखे सवाल पूछे जाएंगे, तो वह अदालत के सामने क्या तथ्य पेश करते हैं।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





