रायबरेली। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी पारा तेजी से चढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गांधी परिवार के पारंपरिक गढ़ रायबरेली में ‘पीडीए रथ’ के साथ अपनी भव्य यात्रा निकालकर सपा के जनाधार और सांगठनिक ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया। आगामी चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच अखिलेश यादव के इस शक्ति प्रदर्शन को सीधा और बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। रायबरेली में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल स्थानीय नेताओं ने, बल्कि आसपास के आठ जिलों से आए पार्टी पदाधिकारियों और संभावित प्रत्याशियों ने भारी भीड़ जुटाकर अपनी दावेदारी पेश की।
विधानसभा चुनाव से पहले रायबरेली राज्य की सियासत का नया केंद्र बिंदु बनता दिख रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दौरों और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उपस्थिति के बाद अखिलेश यादव की इस रथ यात्रा ने जिले का सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। इस यात्रा में अमेठी, फतेहपुर, जौनपुर, सुल्तानपुर, हरदोई, प्रतापगढ़ और उन्नाव से पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं व वरिष्ठ नेताओं ने अखिलेश यादव का गर्मजोशी से स्वागत किया। फतेहपुर से आए सपा नेताओं ने जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर जीत का दावा करते हुए 2027 में सपा की सरकार बनने का भरोसा जताया।
विदित हो कि 2022 के विधानसभा चुनाव में रायबरेली की छह में से चार सीटों—सरेनी, बछरावां, ऊंचाहार और हरचंदपुर—पर समाजवादी पार्टी ने परचम लहराया था, जबकि भाजपा को महज दो सीटों से ही संतोष करना पड़ा था। इस मजबूत जनाधार को आधार बनाते हुए सपा प्रमुख ने कार्यकर्ताओं और दावेदारों से पूरी ताकत से मैदान में उतरने का आह्वान किया। विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव की इस सफल रथ यात्रा ने न केवल गठबंधन सहयोगियों को पार्टी के राजनीतिक कद का अहसास कराया है, बल्कि कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंककर आगामी चुनावी संघर्ष का बिगुल भी फूंक दिया है।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





