आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । औद्योगिक विकास की संभावनाओं से समृद्ध जनपद सोनभद्र में अब सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलने जा रही है। जिले की तीन प्रमुख सड़कों की बदहाल तस्वीर बदलने के लिए योगी सरकार ने 125 करोड़ 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर जारी कर दिया है। औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत होने वाले इन कार्यों से न केवल औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी, बल्कि भारी वाहनों की आवाजाही, माल परिवहन और आमजन के आवागमन को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि शासन की ओर से जिले की तीन महत्वपूर्ण सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं सतह सुधार के लिए कुल 125.25 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के साथ परिवहन व्यवस्था को सुगम बनाना है। इससे माल और कच्चे माल की ढुलाई में लगने वाला समय तथा परिवहन लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 15.84 किलोमीटर लंबे चोपन-कोटा-कोन-खरौंधी मार्ग के सुदृढ़ीकरण पर 41 करोड़ 56 लाख 3 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, 12.150 किलोमीटर लंबे आरएस रोड से कोदरा टोला मार्ग के लिए 25 करोड़ 83 लाख 76 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन दोनों परियोजनाओं के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
वाराणसी-शक्तिनगर राज्यमार्ग मार्ग पर भी खर्च होंगे ₹57.85 करोड़ –
जिले की औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों की लाइफलाइन माने जाने वाले वाराणसी-शक्तिनगर स्टेट हाईवे-5ए के एक महत्वपूर्ण हिस्से की भी सूरत बदली जाएगी। मार्ग के किलोमीटर 166.130 से 184.417 तक कुल 18.287 किलोमीटर हिस्से का सुदृढ़ीकरण एवं सतह सुधार कराया जाएगा। इस परियोजना पर 57 करोड़ 85 लाख 10 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव देखते हुए इसका सुधार औद्योगिक परिवहन के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
उद्योगों के साथ आमजन को भी मिलेगी राहत –
जनपद में खनन, ऊर्जा और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के बीच मजबूत सड़क नेटवर्क की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। ऐसे में तीन प्रमुख मार्गों के लिए स्वीकृत यह बजट जिले के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सड़कों के बेहतर होने से उद्योगों को कच्चा माल पहुंचाने और तैयार उत्पादों की ढुलाई में सहूलियत मिलेगी। वहीं, व्यापारियों, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी आवागमन में राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर सड़कें औद्योगिक विकास की आधारभूत जरूरत हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क व्यवस्था भी मजबूत होगी।
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






