उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा घोषित उम्मीदवारों को लेकर बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर जबर्दस्त जुबानी हमला बोला है। शुक्रवार को जारी एक बयान में बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सपा पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) के नाम पर राजनीति करने और समाजवादी पार्टी होने का केवल ढोंग रचती है। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट तो सपा को ‘पीडीए’ का चाहिए, लेकिन जब सांसद और विधायक बनाने की बारी आती है, तो पार्टी अपने परिवार के लोगों और बड़े पूंजीपतियों को आगे कर देती है। मायावती ने राज्यसभा प्रत्याशियों के चयन का उदाहरण देते हुए कहा कि सपा ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के नजदीकी रिश्तेदार प्रो. रामगोपाल यादव को पुनः उम्मीदवार बनाया है और दूसरा टिकट एक चर्चित उद्योग घराने से ताल्लुक रखने वाले धनराज परिमल नथवानी को थमा दिया है। उन्होंने दावा किया कि जनता की राय के मुताबिक सपा का तीसरा प्रत्याशी पहले की ही तरह केवल चेहरा बचाने और चुनाव हारने के लिए ही मैदान में उतारा जाएगा।
सपा के दोहरे चाल, चरित्र और चेहरे पर सवाल उठाते हुए बसपा प्रमुख ने सवर्ण समाज के गरीबों, दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिमों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज का वास्तविक हित केवल बसपा में ही सुरक्षित है, बाकी सभी वादे और दावे केवल छलावा हैं। मायावती ने अपनी पार्टी की रीति-नीति को स्पष्ट करते हुए कहा कि बसपा किसी भी छोटे या बड़े चुनाव में विरोधी दलों, खासकर सपा की तरह, अपने परिवार, सगे-संबंधियों या धन्नासेठों को टिकट नहीं देती और न ही उनके धनबल का सहारा लेती है। बसपा हमेशा संगठन में निष्ठा से कार्य करने वाले सर्वसमाज के गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबके के कर्मठ आंबेडकरवादी कार्यकर्ताओं को ही चुनावी मैदान में प्रत्याशी बनाती है। उन्होंने बहुजन समाज से अपील की कि वे सपा के पीडीए के बहकावे में न आएं।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"






