आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत MDR शुल्क के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोनभद्र के व्यापारियों ने गांधी जयंती के दिन ‘नो यूपीआई डे’ मनाया। व्यापारियों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर ‘No UPI’ के पोस्टर लगाए और पूरे दिन ऑनलाइन भुगतान नहीं लिया। इसके स्थान पर ग्राहकों से नगद भुगतान स्वीकार किया गया।
व्यापारियों के इस विरोध प्रदर्शन का उद्देश्य यूपीआई लेनदेन पर MDR शुल्क लगाए जाने के प्रस्ताव के प्रति अपना विरोध दर्ज कराना रहा। व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के बाद अब उस पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का निर्णय व्यापार जगत पर नया आर्थिक बोझ डाल सकता है।
इस मौके पर उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने आंदोलन में सहभागिता करने वाले व्यापारियों का आभार जताते हुए कहा कि “व्यापारी लंबे समय से देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति में अपना योगदान देते आ रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए, न कि उन पर नए-नए शुल्क और करों का बोझ बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से MDR शुल्क वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र केंद्रीय नेतृत्व के निर्णय के अनुसार आंदोलन को आगे बढ़ाता रहेगा।”
व्यापारियों के ‘नो यूपीआई डे’ के चलते गांधी जयंती पर कई प्रतिष्ठानों पर डिजिटल भुगतान के बजाय नकद भुगतान को प्राथमिकता दी गई। व्यापारियों ने पोस्टर के माध्यम से यूपीआई शुल्क के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई।






