आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । उरमौर स्थित एक निजी हॉस्पिटल में पथरी के ऑपरेशन के बाद 56 वर्षीय महिला रूक्मणी की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच तेज कर दी है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। मामले में अस्पताल प्रबंधन को एक अक्टूबर को दोपहर एक बजे सीएमओ कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष और बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया गया है।
सीएमओ कार्यालय से 30 सितंबर को जारी आदेश के अनुसार जांच समिति में निजी हॉस्पिटल पंजीयन के नोडल अधिकारी/अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद, एनेस्थेटिस्ट डॉ0 राजेश कुमार सिंह और सर्जन डॉ0 अरविंद को शामिल किया गया है। समिति को मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए है।
नोडल अधिकारी और अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव के मुताबिक, जांच समिति की टीम आज अस्पताल पहुंचकर पूरे प्रकरण की पड़ताल कर सकती है। टीम द्वारा अस्पताल में मरीज के उपचार से संबंधित अभिलेख, ऑपरेशन एवं चिकित्सकीय प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच की जाएगी। जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सकों का पक्ष भी दर्ज किया जाएगी। टीम की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
बताते चलें कि पथरी के ऑपरेशन के बाद रूक्मणी की तबीयत बिगड़ गई थी और उसे वाराणसी के लिए रेफर किया गया था जहां देर से उपचार शुरू होने पर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने उपचार और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने निर्देश पर सीएमओ ने चार सदस्यी टीम गठित की गई है। हालांकि, महिला की मौत के वास्तविक कारण और उपचार में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, इसका स्पष्ट निर्धारण जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही हो सकेगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि “मामले को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति अस्पताल में हुए उपचार, ऑपरेशन से संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया, मरीज की स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों समेत पूरे प्रकरण की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। सीएमओ ने यह भी बताया कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी अस्पताल में उपचार के दौरान सामने आने वाली गंभीर शिकायतों की नियमानुसार जांच कराई जाएगी और जांच में तथ्य सामने आने के बाद आवश्यक कार्यवाही निश्चित की जाएगी।”






