आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । सरकारी जमीन पर मजार, कब्रिस्तान, ईदगाह और मस्जिद समेत अन्य धार्मिक निर्माणों को लेकर सोनभद्र में चल रही जांच के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता का दावा है कि करीब छह माह पहले उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस मामले की शिकायत की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री स्तर से मामले का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए।
भाजपा जिलाध्यक्ष के मुताबिक, शिकायत के बाद जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर प्रशासनिक स्तर से जांच कराई गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार विभिन्न स्थानों पर सरकारी भूमि पर धार्मिक निर्माण से संबंधित शिकायतों की जांच हुई और आगे की कार्यवाही के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी गई।
16 स्थानों की जांच, अब कार्यवाही पर निगाह –
शिकायतकर्ता भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने बताया कि “जिले में करीब 30 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां सरकारी भूमि पर कथित तौर पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण की शिकायतें हैं। वहीं प्रशासनिक जांच के स्तर पर 16 स्थानों को जांच के दायरे में लिए जाने की जानकारी सामने आई है।
उनका आरोप है कि इन मामलों में वन विभाग, रेलवे, एनटीपीसी, तालाब और अन्य सरकारी भूमि से जुड़े मामले शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि जिन स्थानों पर जांच के बाद सरकारी भूमि पर अतिक्रमण या अवैध निर्माण की पुष्टि हुई हो, वहां नियमानुसार कार्यवाही करते हुए सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।”
कई क्षेत्रों के नाम शिकायत में शामिल –
भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता ने बताया कि “चुर्क चौकी क्षेत्र के रेलवे फाटक, चुर्क रामलीला मैदान, विजयगढ़ किले के ऊपर स्थित मिरन शाह मजार, पनौरा, नरोखर, रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न स्थानों के अलावा ओबरा, दुद्धी, पिपरी और शक्तिनगर क्षेत्र में भी ऐसी शिकायतें सामने आई हैं। शक्तिनगर-खड़िया क्षेत्र में एनटीपीसी की जमीन से जुड़े मामलों का भी उन्होंने उल्लेख किया है। हालांकि, किसी भी स्थान पर अंतिम रूप से अतिक्रमण या निर्माण को अवैध घोषित करने से पहले संबंधित भूमि के स्वामित्व, निर्माण की अनुमति और अन्य कानूनी पहलुओं की जांच आवश्यक है। प्रशासनिक जांच के बाद ही प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।”
जांच पूरी, अब कार्यवाही का इंतजार –
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की आधिकारिक जिला वेबसाइट पर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों में सरकारी भूमि पर धार्मिक निर्माण से जुड़े मामलों की जांच और रिपोर्ट शासन को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। शिकायतकर्ता की मांग है कि जांच में जहां सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण या निर्माण की पुष्टि हुई है, वहां कानून के मुताबिक कार्यवाही की जाए।






