आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत जिले में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना से जुड़े 49 संकेतकों और 81 डाटा पॉइंट की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान राष्ट्रीय और राज्य औसत की तुलना में पीछे चल रहे सूचकों को चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर सुधार करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा के कई सूचकों पर सुधार की जरूरत –
शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा में सितंबर 2026 तक कक्षा पांच से छह की संक्रमण दर 83.02 प्रतिशत, जबकि कक्षा आठ से नौ की संक्रमण दर 60.11 प्रतिशत दर्ज की गई। ब्लॉकवार स्थिति में कक्षा पांच से छह की संक्रमण दर नगवां में 57.83, बभनी में 76.25 और दुद्धी में 77.62 प्रतिशत रही। वहीं कक्षा आठ से नौ की संक्रमण दर नगवां में 37.63, दुद्धी में 45.24 और घोरावल में 49.91 प्रतिशत दर्ज की गई।
सभी विद्यालयों में कार्यशील पेयजल एवं विद्युत सुविधा तथा समय से पाठ्यपुस्तक वितरण की स्थिति 100 प्रतिशत रही। हालांकि आरटीई मानक के अनुसार छात्र-शिक्षक अनुपात वाले विद्यालयों का प्रतिशत 62.60 प्रतिशत रहा।
स्वास्थ्य, पोषण और कृषि की भी हुई पड़ताल –
स्वास्थ्य एवं पोषण के तहत टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान तथा SAM और MAM जैसे सूचकों की समीक्षा की गई। सितंबर में SAM का प्रतिशत 0.12 और MAM का 0.93 प्रतिशत रहा।
कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में पशुओं के टीकाकरण की प्रगति 74.12 प्रतिशत तथा कृत्रिम गर्भाधान की कवरेज 56.44 प्रतिशत दर्ज की गई। वहीं कौशल विकास के तहत प्रशिक्षित युवाओं में रोजगार की दर 44.23 प्रतिशत रही, जबकि पोर्टल पर पंजीकृत प्रशिक्षुओं में पूर्ण अप्रेंटिसशिप की दर 66.67 प्रतिशत दर्ज की गई।
ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी का आंकड़ा बेहद कम –
आधारभूत सुविधाओं के कई संकेतकों में 100 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई, लेकिन ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी का संकेतक महज 7.89 प्रतिशत रहा। बैठक में ऐसे कम प्रगति वाले सूचकों को लेकर संबंधित विभागों से विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
कम प्रगति वाले सूचकों पर तत्काल कार्यवाही के निर्देश –
सीडीओ जागृति अवस्थी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय एवं राज्य औसत से पीछे चल रहे सभी सूचकों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया जाए। उन्होंने विभागवार कार्ययोजना तैयार कर नियमित समीक्षा, आपसी समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई के माध्यम से प्रगति में सुधार सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया।






