आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । उद्योग और खनिज संपदा से समृद्ध सोनभद्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के सीमित अवसरों का मुद्दा उद्योग बंधु एवं व्यापार बंधु की बैठक में प्रमुखता से उठा। कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी रमेश चंद्र की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने ‘सोनभद्र रोजगार मिशन’ बनाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने प्रथम चरण में स्थानीय युवाओं के लिए कम से कम 1000 रोजगार एवं प्रशिक्षु अवसर सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित करने की मांग की।
बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार चौधरी ने किया। कौशल शर्मा ने अपर जिलाधिकारी को रोजगार मिशन का प्रारंभिक एक्शन रोडमैप सौंपते हुए कहा कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों, अस्पतालों, होटल-रेस्टोरेंट, परिवहन, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल-कंप्यूटर, निर्माण सामग्री, सर्विस सेंटर, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स समेत अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध एवं संभावित रिक्तियों को चिह्नित किया जाए।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का लक्ष्य तय करने की मांग –
कौशल शर्मा ने कहा कि जिले में उद्योग और खनिज संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद स्थानीय युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जिला स्तर पर रोजगार मिशन बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के लक्ष्य तय किए जा सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित विभाग और औद्योगिक एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान मिलकर रिक्तियों का सर्वे कर युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ें।
अल्ट्रासाउंड के लिए डेढ़ महीने तक इंतजार का मुद्दा –
बैठक में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया गया। कौशल शर्मा ने कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को एक से डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने रेडियोलॉजिस्ट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि तीन मशीनें होने के बावजूद प्रतिदिन करीब 40 जांच ही हो पा रही हैं, जिसके कारण कई मरीजों को वापस लौटना पड़ता है।
बिजली कटौती पर भी उठे सवाल –
25 सितंबर को आंधी-बारिश के दौरान मेडिकल कॉलेज के ए और सी ब्लॉक में बिजली आपूर्ति बाधित होने का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया। कौशल शर्मा के अनुसार, रातभर बिजली न रहने से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि इमरजेंसी वार्ड में समस्या अधिक गंभीर रही। अगले दिन भी ट्रिपिंग की समस्या बनी रहने और जनरेटर-इनवर्टर से व्यवस्था संभालने में कठिनाई का उन्होंने दावा किया।उन्होंने मेडिकल कॉलेज में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए डेडीकेटेड फीडर, डीजी बैकअप और ऑटोमेटिक चेंजओवर की स्थायी व्यवस्था किए जाने का सुझाव दिया।
पुराने जिला अस्पताल भवन को जल्द शुरू कराने की मांग –
कौशल शर्मा ने पुराने जिला अस्पताल भवन में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा शुरू करने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से पुराना जिला चिकित्सालय भवन चिकित्सा विभाग को हैंडओवर किए जाने और भवन के दुरुस्तीकरण के लिए एनसीएल की सीएसआर मद से धन उपलब्ध कराने पर सहमति की जानकारी दी गई है।
उन्होंने मांग की कि भवन का कार्य जल्द पूरा कर वहां प्रसव केंद्र, अर्बन पीएचसी और 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा शुरू कराई जाए। साथ ही मेडिकल कॉलेज में जेबकतरी की घटनाओं का मुद्दा उठाते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।-जीएसटी कार्यवाही में सुनवाई का अवसर देने की मांग
जीएसटी कार्यवाही में सुनवाई का अवसर देने की माँग –
बैठक में वाणिज्य कर विभाग से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। कौशल शर्मा ने विभागीय अधिकारियों का ध्यान उत्तर प्रदेश माल एवं सेवा कर अधिनियम की धारा 75(4) और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत की ओर आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल आदेश पारित करने से पहले संबंधित व्यापारी को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।
उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल विभिन्न रिट मामलों का हवाला देते हुए कहा कि फील्ड स्तर पर धारा 75(4) के प्रावधानों के अनुपालन को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों के मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के अधिकार का पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नागेंद्र मोदनवाल, विनय जायसवाल, विवेक कुमार सिंह, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के नरेंद्र कुमार गर्ग, विमल अग्रवाल, नवल बाजपेई, चंदन केसरी, प्रमोद गुप्ता, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के धीरेंद्र जायसवाल, हाजी सलीम सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।






