आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के सरकारी दावों के बीच जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में व्यवस्थाओं की जवाबदेही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया। लापरवाही, कमजोर मॉनिटरिंग और बदहाल व्यवस्थाओं पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। सीएचओ के काम की प्रभावी निगरानी न होने पर सीडीओ ने सीएचसी दुद्धी के प्रभारी चिकित्साधीक्षक के वेतन भुगतान पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
सीडीओ जागृति अवस्थी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपदवासियों को गुणवत्तापूर्ण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर संसाधनों और मूलभूत सुविधाओं की कमी अथवा लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
सीएचओ की मॉनिटरिंग में लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश –
बैठक के दौरान सीएचओ के कार्यों की प्रभावी प्रगति नहीं मिलने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी के अधीक्षक द्वारा उनके कार्यों की पर्याप्त निगरानी नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस पर सीडीओ ने एमओआईसी सीएचसी दुद्धी के वेतन भुगतान पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
सीडीओ ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका असर स्वास्थ्य केंद्रों और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं में दिखाई देना चाहिए।
सीएचसी की व्यवस्थाओं पर रहेगी पैनी नजर –
सीडीओ ने सभी एमओआईसी को निर्देशित किया कि प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आवश्यक संसाधन, आधारभूत सुविधाएं और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखी जाए। उन्होंने अस्पतालों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने और सामने आने वाली कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। कहा कि सफाई के लिए तैनात कर्मियों की लापरवाही सामने आने पर संबंधित चयनित एजेंसी को सूचित कर लापरवाह कर्मी को हटाने की कार्यवाही शुरू की जाए।
102-108 एंबुलेंस की होगी रैंडम जांच –
बैठक में 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा की गई। सीडीओ ने निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक अपने स्तर से एंबुलेंस की रैंडम जांच सुनिश्चित करें, ताकि सेवा की वास्तविक स्थिति की निगरानी की जा सके और जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध हो।
अति कुपोषित बच्चों के इलाज पर जोर –
स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस विभाग को एनआरसी सेंटर में सैम-मैम बच्चों की भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने कहा कि अति दुर्बल बच्चों की पहचान के बाद उन्हें समय पर उपचार और पोषण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सके।
आरबीएसके टीम करेगी आशा-आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा –
जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस को निर्देशित किया गया कि आरबीएसके टीम नियमित रूप से आशा और आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करे। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में किसी स्तर पर लापरवाही न हो, इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 रमेश मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।






