आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जिस चौकी के उद्घाटन के साथ चोपन कस्बे के लोगों ने बेहतर पुलिसिंग, मजबूत निगरानी और अपराधियों पर शिकंजा कसने की उम्मीद बांधी थी, उसी चौकी के लोकार्पण के कुछ ही घंटों बाद चोरों ने मां काली मंदिर में सेंध लगाकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के सामने सवाल खड़ा कर दिया। रात के अंधेरे में मंदिर का ताला तोड़ा गया, चोर भीतर दाखिल हुए और चांदी का मुकुट, चांदी का छत्र, पीतल की लड्डू गोपाल की प्रतिमा समेत अन्य सामान लेकर फरार हो गए। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नई पुलिस चौकी की शुरुआत ही सुरक्षा मजबूत करने के दावे के साथ हुई थी, तो रात की गश्त और निगरानी के बीच चोरों को मंदिर तक पहुंचने का मौका कैसे मिल गया?
सुबह करीब छह बजे पुजारी मनीष तिवारी मंदिर पहुंचे तो टूटा ताला और भीतर बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए। मंदिर में चोरी की खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी और कस्बा चौकी प्रभारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
उद्घाटन के बाद पहली ही रात चोरों ने ली पुलिस की परीक्षा –
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने चोपन कस्बा पुलिस चौकी का लोकार्पण किया था। चौकी खुलने से कस्बे में पुलिस की मौजूदगी बढ़ने और गश्त-निगरानी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद जताई गई थी। लेकिन चौकी की नई व्यवस्था शुरू होने के तत्काल बाद मंदिर में चोरी की घटना ने पुलिस के सामने असहज करने वाली स्थिति पैदा कर दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि चोरों ने मंदिर का ताला तोड़ा, अंदर प्रवेश किया, सामान समेटा और आराम से निकल गए। यदि रात में प्रभावी गश्त चल रही थी तो पुलिस की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ी? यही सवाल अब कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
चोपन में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से बढ़ी चिंता –
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में पहले भी चोरी की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में धार्मिक स्थल की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की अपेक्षा थी। मंदिर में चोरी की घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी का विस्तार या नई चौकी की स्थापना तभी सार्थक मानी जाएगी, जब उसका असर सड़क पर पुलिस की मौजूदगी और अपराधियों पर प्रभाव के रूप में दिखाई दे। केवल चौकी का उद्घाटन और सुरक्षा व्यवस्था के दावे लोगों को सुरक्षित महसूस कराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
चोरों ने पुलिस के सामने छोड़ी चुनौती –
मंदिर में चोरी की घटना ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर चोर कौन थे? क्या उन्हें मंदिर की गतिविधियों और वहां रखे सामान की जानकारी पहले से थी? क्या वारदात से पहले रेकी की गई थी? रात में किस समय मंदिर का ताला तोड़ा गया और पुलिस गश्त किस इलाके में थी? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि मंदिर में लगी मां की नथिया चोर छोड़ गए। माना जा रहा है कि चोर उसे आर्टिफिशियल समझकर छोड़ गए होंगे। हालांकि इसकी वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
“बहरहाल नई पुलिस चौकी के उद्घाटन के साथ जिस मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की उम्मीद जगी थी, मंदिर में हुई चोरी ने उसी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जब पुलिस की नई चौकी शुरू होने के बाद भी चोर बेखौफ होकर धार्मिक स्थल को निशाना बना सकते हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों का धरातल पर कितना असर है? अब पुलिस के सामने महज इस वारदात का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि चोपन क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाकर लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम करने की भी चुनौती होगी।”






