सोनभद्र। जिले के डाला क्षेत्र में अत्यधिक रक्तस्राव और हीमोग्लोबिन की भारी कमी के चलते एक प्रसूता और उसके अजन्मे बच्चे की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। डाला चढ़ाई की रहने वाली 19 वर्षीया निर्जला, पत्नी धीरज को बृहस्पतिवार की देर रात अचानक पेट में तेज दर्द और गंभीर रक्तस्राव की शिकायत हुई। शुक्रवार की सुबह परिजन जब उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचे, तब तक उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी थी। डॉक्टरों द्वारा की गई जाँच में महिला के शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर घटकर महज 5.8 एमजी पाया गया, जिसके बाद उसे तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। हालाँकि, परिजनों द्वारा बुलाई गई एम्बुलेंस के पहुँचने से पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया।
मृतका के परिजनों ने बताया कि रात में महिला बिल्कुल स्वस्थ थी और उसने परिवार के सदस्यों से वीडियो कॉल पर बातचीत भी की थी, लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ने और अत्यधिक खून बहने से यह हादसा हो गया। मृतका का पति धीरज दो सप्ताह पूर्व ही आजीविका के सिलसिले में बाहर गया हुआ था।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुभाष कुमार ने बताया कि सुबह जब महिला को अस्पताल लाया गया, तो वह अचेत अवस्था में थी, उसकी ऑक्सीजन का स्तर गिर चुका था और गर्भस्थ शिशु की धड़कन बंद हो चुकी थी। वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रमेश कुमार मिश्र ने बताया कि गर्भ में ही बच्चे की मौत हो जाने के कारण अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति उत्पन्न हुई। अस्पताल लाने में हुई देरी और हीमोग्लोबिन की अत्यधिक कमी के कारण महिला को बचाया नहीं जा सका। बीते दो महीनों के भीतर जिले में अत्यधिक रक्तस्राव और खून की कमी से प्रसूता की मौत का यह तीसरा मामला है।
Author: Harsh Vardhan
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