आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । डाला स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र के बंद स्टोर रूम से लाखों रुपये कीमत के पीतल और तांबे के विद्युत उपकरण चोरी होने के मामले में विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है। दो सदस्यीय टीम की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को उपकेंद्र के अवर अभियंता लव कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया। निलंबन के बाद उन्हें 765 केवी अनपरा में संबद्ध किया गया है। वहीं, मामले में विजिलेंस जांच कराए जाने की बात भी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार 132 केवी डाला उपकेंद्र के जेई लव कुमार सिंह ने 5 सितंबर को डाला पुलिस चौकी में तहरीर देकर उपकेंद्र से बड़े पैमाने पर विद्युत उपकरण चोरी होने की सूचना दी थी। मामला सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई, जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने जेई के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही की।
बंद कमरे की चोरी ने खड़े किए कई सवाल –
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कमरे से उपकरण चोरी होने की बात सामने आई है, उस कमरे का न तो ताला टूटा मिला और न ही सेंधमारी के निशान मिले। सुरक्षा कर्मियों के अनुसार उक्त कमरे की चाबी 24 घंटे जेई लव कुमार सिंह के पास रहती थी। ऐसे में बंद कमरे से सामान चोरी होने की घटना ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
वहीं सुरक्षा कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि 5 सितंबर को एक कबाड़ी निजी कार से डाला उपकेंद्र पहुंचा था। सुरक्षा कर्मियों द्वारा उसे रोके जाने और प्रवेश की जानकारी मांगे जाने पर कथित तौर पर जेई के निर्देश पर उसे बिना इंट्री के जाने दिया गया। इसी बात को लेकर सुरक्षा कर्मियों और जेई के बीच विवाद की स्थिति भी बनी थी।
शिकायत वायरल होते ही विभाग में मचा हड़कंप –
मामला तूल पकड़ने के बाद एक शिकायतकर्ता ने उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन और एमडी को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की। शिकायत पत्र सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर जेई को निलंबित कर दिया गया।
विद्युत पारेषण खंड राबर्ट्सगंज के अधिशासी अभियंता इन्द्रभान सिंह ने बताया कि “मामला सामने आने के बाद दो सदस्यीय टीम से प्रारंभिक जांच कराई गई थी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जेई लव कुमार सिंह को निलंबित किया गया है। उन्होंने बताया कि जल्द ही एक कमेटी का गठन कर मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।”
वहीं, 765 केवी अनपरा के अधिशासी अभियंता शिवधनी राम ने बताया कि निलंबित जेई को अनपरा में संबद्ध किया गया है। उन्होंने कहा कि एमडी ट्रांसमिशन लखनऊ स्तर से मामले की विजिलेंस जांच कराए जाने की बात सामने आई है।
चोरी की तहरीर के बावजूद अब तक नहीं दर्ज हुआ मुकदमा –
इधर, डाला चौकी क्षेत्र स्थित 132 केवी उपकेंद्र से लाखों रुपये के पीतल और तांबे के विद्युत उपकरण चोरी होने के मामले में अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि विभाग की ओर से करीब दो सप्ताह पूर्व ही मुकदमा दर्ज कराने के लिए डाला पुलिस चौकी, चोपन थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय को पत्रक देकर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में डाला चौकी प्रभारी घनश्याम तिवारी ने बताया कि “मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”






