आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । संचारी रोगों की रोकथाम और संभावित संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सोनभद्र में एक अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान भी संचालित होगा। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने को लेकर मंगलवार को विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय प्रथम अन्तर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, ग्राम्य विकास, नगर पालिका एवं नगर पंचायत, पशुपालन, कृषि, बाल विकास एवं पुष्टाहार, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तीकरण और सूचना विभाग समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। इसके अलावा सभी ब्लॉक अधीक्षक, बीसीपीएम, डीपीएम और एनएचएम से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे।
सफाई से लेकर जनजागरूकता तक चलेगा अभियान –
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 रमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि “एक अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान में शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी विभागों के सहयोग से साफ-सफाई, जल निकासी, मच्छर नियंत्रण और जनजागरूकता से जुड़े कार्य कराए जाएंगे।”
जिला मलेरिया अधिकारी डीएन श्रीवास्तव ने पीपीटी के माध्यम से अभियान की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने विभागों के प्रशिक्षण और माइक्रोप्लान तैयार करने से संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
स्कूलों में प्रार्थना के दौरान बच्चों को दी जाएगी जानकारी –
सीडीओ ने बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों में प्रतिदिन प्रार्थना के समय बच्चों को संचारी एवं संक्रामक रोगों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका बताया जाए और पूरी बांह की यूनिफॉर्म पहनने के लिए प्रेरित किया जाए।
बुखार होने पर “क्या करें और क्या न करें” की जानकारी भी दी जाएगी। प्रत्येक विद्यालय में हाथ धोने के लिए हैंडवॉश की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पंपलेट वितरित कर व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए गए।
नालियां साफ नहीं मिलीं तो जिम्मेदारों पर बढ़ेगी जवाबदेह –
नगर निकायों और पंचायत विभाग को नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी और कचरा निस्तारण की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को साप्ताहिक कार्ययोजना बनाकर एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराने तथा उसकी फोटो संचारी व्हाट्सएप ग्रुप में भेजने को कहा गया। बैठक में चुर्क स्थित सोन पंप जाने वाले रास्ते पर कचरा डंप होने का मामला भी उठा। सीडीओ ने नगर पालिका परिषद सोनभद्र के बड़े बाबू को उक्त कचरे का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
गांवों में भी चलेगा सफाई और मच्छर नियंत्रण अभियान –
ग्राम्य विकास विभाग को गांवों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के साथ माइक्रोप्लान के अनुसार एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, कचरा निस्तारण, नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई कराने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने साफ किया कि अभियान सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि विभागीय टीमें माइक्रोप्लान के अनुसार क्षेत्र में उतरकर कार्यवाही सुनिश्चित करें।
स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस पर विशेष नजर –
बैठक में स्क्रब टाइफस और लैप्टोस्पायरोसिस को लेकर भी चिंता जताई गई। पशुपालन और कृषि विभाग को इन रोगों से बचाव के लिए अभियान के दौरान गोष्ठियां आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए, इसके साथ ही नगर पालिका परिषद को जिले में घूम रहे छुट्टा गोवंश को तत्काल गो-आश्रय स्थलों में भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
26 सितंबर तक माइक्रोप्लान, रोज शाम चार बजे रिपोर्ट –
सीडीओ ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि 26 सितंबर तक प्रत्येक दशा में अपना माइक्रोप्लान उपलब्ध कराएं। अभियान के दौरान सभी विभागों को प्रतिदिन की कार्यवाही की रिपोर्ट शाम चार बजे तक जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय में भेजनी होगी। उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर आयोजित गोष्ठियों में जिला स्तरीय अधिकारी अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करेंगे, जबकि ब्लॉक स्तर के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करेंगे।






