आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• आवेदनों की जांच के बाद सुरक्षित रखे जाएंगे परिवर्तित नाम
• पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने पर सूची में होंगे शामिल
सोनभद्र । पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन और विलोपन की प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब ऐसे आवेदनों पर जांच के बाद ही नियमानुसार कार्यवाही होगी। वहीं, नामांकन की अंतिम तिथि के बाद चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक मतदाता सूची में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान किए गए परिवर्तनों का ब्योरा सुरक्षित रखा जाएगा, जिसे आयोग की ओर से संक्षिप्त पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने पर सूची में शामिल किया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट/जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गौड़ ने बताया कि “राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में पंचायतों की निर्वाचक नामावली में परिवर्धन, संशोधन एवं विलोपन की कार्यवाही उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा-9(8) के प्रावधानों के तहत की जाएगी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश पंचायत राज निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण (पूरक उपबंध) आदेश, 2005 के अनुसार भी आवश्यक कार्यवाही की जा सकती है। उन्होंने बताया कि किसी भी सामान्य निवासी की ओर से मतदाता सूची में नाम शामिल कराने, नाम में संशोधन कराने अथवा नाम हटवाने के लिए आवेदन प्राप्त होने पर उसकी जांच कराई जाएगी, जांच में पात्रता सही पाए जाने पर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”
सुरक्षित रखी जाएगी परिवर्तित नामों की सूची –
जिला निर्वाचन अधिकारी चर्चित गोंड ने बताया कि “जनपद स्तर पर इस तरह जोड़े गए, संशोधित और विलोपित किए गए नामों की सूची सुरक्षित रखी जाएगी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण की अधिसूचना जारी होने पर सुरक्षित रखे गए विवरण के आधार पर ऑनलाइन डाटा एंट्री कराई जाएगी। इसके माध्यम से संबंधित मतदाताओं के नाम सूची में शामिल अथवा संशोधित किए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आयोग के निर्देशों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस व्यवस्था से पंचायत मतदाता सूची में नामों के परिवर्धन, संशोधन और विलोपन की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा करने में मदद मिलेगी।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....




