Sonbhadra News :…..जब भाजपा पदाधिकारी को देना पड़ा घूस, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सोनभद्र के बभनी क्षेत्र में जमीन की पैमाइश के नाम पर कथित वसूली का मामला सामने आने से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात यह है कि शिकायतकर्ता के मुताबिक, वह भाजपा के मंडल महामंत्री हैं और अपनी ही जमीन की पैमाइश कराने के लिए उन्हें क्षेत्रीय कानूनगो और लेखपाल को कथित तौर पर रिश्वत देनी पड़ी। शिकायतकर्ता ने 25 हजार रुपये की मांग किए जाने और बातचीत के बाद 10 हजार रुपये देने पर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने का आरोप लगाया है। मामले में लेखपाल का रुपये लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा भी किया गया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की जांच अभी बाकी है।

एसडीएम के आदेश के बाद भी रुपये मांगने का आरोप –

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए शिकायती पत्र के अनुसार, अरझट गांव, पोस्ट सेंन्दूर, तहसील दुद्धी निवासी लक्ष्मी प्रसाद ने गाटा संख्या 716/717, देवरीहवां में जमीन की पैमाइश के लिए 21 जुलाई 2026 को उपजिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पर एसडीएम ने राजस्व टीम गठित कर जमीन का सीमांकन कराने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन की पैमाइश कराने के लिए क्षेत्रीय कानूनगो और लेखपाल ने कथित तौर पर 25 हजार रुपये की मांग की। शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत के बाद 10 हजार रुपये देने पर सीमांकन का कार्य पूरा किया गया। यदि जांच में ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला केवल कथित अवैध वसूली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और आम नागरिकों को राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करेगा।

वीडियो वायरल होने के दावे से बढ़ी चर्चा –

शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि उसके पास मामले से संबंधित वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं और लेखपाल के रुपये लेते हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। इसी आधार पर उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है। शिकायती पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष और उपजिलाधिकारी को भी भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।

मामले में भाजपा मंडल महामंत्री से कथित वसूली का आरोप सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि जब एक राजनीतिक दल से जुड़े पदाधिकारी को जमीन की पैमाइश कराने के लिए कथित तौर पर पैसे देने पड़े, तो आम नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा।

एसडीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्यवाही 

इस संबंध में उपजिलाधिकारी दुद्धी अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शिकायतकर्ता को बयान दर्ज कराने के लिए कार्यालय बुलाया जा रहा है। वायरल वीडियो की भी जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

 

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