आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र। अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी करने के मामले में सोनभद्र पुलिस ने आरोपी की संपत्तियों पर कार्यवाही तेज कर दी है। ‘सिटी म्युचुअल बैंक’ के नाम पर निवेश कराने के आरोपी भागीरथी मौर्य की लोढ़ी स्थित करीब 28.10 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति शुक्रवार को कुर्क कर ली गई। न्यायालय के आदेश पर हुई इस कार्रवाई के साथ ही आरोपी की पूर्व में कुर्क की गई संपत्तियों को मिलाकर कुल कार्यवाही का अनुमानित मूल्य करीब 1.59 करोड़ रुपये हो गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पिपरी पुलिस ने यह कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक और क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के पर्यवेक्षण में 9 अक्टूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 21 सितंबर 2026 के आदेश के अनुपालन में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत संपत्ति कुर्क की गई।
लोढ़ी में आरसीसी भवन और बोरवेल कुर्क –
सीओ दुद्धी हर्ष पाण्डेय ने बताया कि “आरोपी भागीरथी मौर्य पुत्र रमापति मौर्य मूल रूप से मुहकोचवा राजपुर, थाना कोतवाली देहात, जनपद मीरजापुर का निवासी है। उसका वर्तमान पता रेनुकूट में पद्मिनी होटल के पास बताया गया है। थाना पिपरी में दर्ज मुकदमा संख्या 54/2025 से संबंधित मामले में मौजा लोढ़ी, परगना बड़हर, तहसील रॉबर्ट्सगंज स्थित आराजी संख्या 39 में 190 वर्ग मीटर क्षेत्रफल पर बने आरसीसी भवन और बोरवेल को कुर्क किया गया। पुलिस ने इसकी अनुमानित कीमत 28,09,650 रुपये आंकी है।”
पहले भी 1.31 करोड़ की संपत्ति पर हो चुकी है कार्यवाही –
इस मामले में पुलिस इससे पहले भी आरोपी की संपत्तियों पर कार्यवाही कर चुकी है। 21 जुलाई 2026 को न्यायालय के आदेश पर करीब 1,31,25,276 रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क की गई थी। इसमें मुर्धवा स्थित आराजी संख्या 557ग की भूमि एवं मकान तथा मौजा कटौधी स्थित आराजी संख्या 97क की संपत्ति शामिल थी।
पुलिस के अनुसार, पूर्व की कार्यवाही और 9 अक्टूबर को कुर्क की गई संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य 1,59,34,926 रुपये यानी करीब 1.59 करोड़ रुपये है।
अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने का आरोप –
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने ‘सिटी म्युचुअल बैंक’ के नाम से कंपनी संचालित कर निवेशकों को अधिक लाभ और भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया था। आरोप है कि इस भरोसे पर निवेशकों से करोड़ों रुपये जमा कराए गए, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद उनकी रकम वापस नहीं की गई।
विवेचना के दौरान कथित तौर पर धोखाधड़ी से अर्जित धनराशि से विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद संपत्तियों को चिह्नित कर न्यायालय से कुर्की के आदेश प्राप्त किए गए और उनके अनुपालन में कार्रवाई की गई।
कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे –
पुलिस द्वारा जारी विवरण के अनुसार, आरोपी के विरुद्ध सोनभद्र के अनपरा, पिपरी, दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज थानों के अलावा मीरजापुर के कोतवाली देहात थाने में भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और अन्य आरोपों से संबंधित मामले शामिल हैं।
कुर्की की कार्रवाई में उपजिलाधिकारी न्यायिक दुद्धी मोहम्मद जफर, क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय, थानाध्यक्ष अजय कुमार श्रीवास्तव और रेनुकूट चौकी प्रभारी नवनीत चौरसिया सहित पुलिसकर्मी शामिल रहे।
सोनभद्र पुलिस का कहना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।





