Sonbhadra News : जिले की बिजली व्यवस्था को मिलेगा बूस्टर डोज, ₹22 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

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आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र। ऊर्जा राजधानी के नाम से मशहूर सोनभद्र में आए दिन हो रही बिजली ट्रिपिंग और बेतरतीब कटौती से परेशान उपभोक्ताओं को जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विभाग 22 करोड़ रुपये खर्च करेगा। बिजनेस प्लान के तहत राबर्ट्सगंज और पिपरी डिवीजन में कुल 332 कार्यों को शासन से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफार्मर लगाने, जर्जर तारों और केबलों को बदलने, नई बिजली लाइनें बिछाने तथा उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे कार्य कराए जाएंगे। विभाग की ओर से जल्द ही काम शुरू कराने की तैयारी है। योजना के धरातल पर उतरने से बिजली नेटवर्क मजबूत होने और आपूर्ति में बार-बार आने वाली तकनीकी बाधाओं को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

जिले में बढ़ती बिजली की मांग के बीच कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त लोड पड़ने से आपूर्ति प्रभावित होती है। वहीं, पुराने और जर्जर तारों तथा केबलों के कारण भी तकनीकी खराबी की आशंका बनी रहती है। आए दिन ट्रिपिंग और अनियमित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ती है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए बिजली विभाग ने बिजनेस प्लान तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इसके बाद विभागीय स्तर पर स्वीकृत कार्यों को शुरू कराने की कवायद तेज हो गई है।

10 से 400 केवीए तक के ट्रांसफार्मरों की बढ़ेगी क्षमता –

बिजनेस प्लान के तहत जिले में 10 केवीए से लेकर 400 केवीए तक के ट्रांसफार्मरों की क्षमता जरूरत के अनुसार बढ़ाई जाएगी। जिन क्षेत्रों में बिजली का लोड अधिक है, वहां मौजूदा ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के साथ नए ट्रांसफार्मर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा बिजली आपूर्ति से जुड़े पुराने और जर्जर उपकरणों को बदलने पर जोर दिया जाएगा। इन कार्यों से ओवरलोडिंग की समस्या कम करने और उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

पिपरी डिवीजन में बनेंगी 26 नई बिजली लाइनें –

योजना के तहत पिपरी डिवीजन में बिजली नेटवर्क को मजबूत करने के लिए छह नई 33 केवी लाइनें और 20 नई 11 केवी लाइनें बनाई जाएंगी। इसके अलावा दो 33/11 केवी उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे बिजली वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने और बढ़ती मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

95 स्थानों पर बदले जाएंगे जर्जर तार और केबल –

बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए योजना के तहत 95 स्थानों पर जर्जर तारों और केबलों को बदला जाएगा। इसके साथ ही वीसीबी, एलए, अर्थिंग, सीआरपी और टेललेस से संबंधित कार्य भी कराए जाएंगे। इन कार्यों के जरिए बिजली नेटवर्क की तकनीकी खामियों को दूर करने और उपकरणों की कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इससे बार-बार होने वाली ट्रिपिंग और तकनीकी खराबी की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

332 कार्यों पर खर्च होंगे 22 करोड़ रुपये –

अधीक्षण अभियंता ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि “बिजनेस प्लान के तहत जिले की बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत कुल 332 कार्यों को मंजूरी मिली है। इनमें ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, नए ट्रांसफार्मर लगाने और जर्जर तारों को बदलने समेत बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े विभिन्न कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कार्यों को जल्द शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।”

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