आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । कभी-कभी एक नाम महज पहचान नहीं, बल्कि जिंदगी में नई उम्मीद की शुरुआत बन जाता है। दुद्धी क्षेत्र से रेस्क्यू की गई महज आठ दिन की नवजात बच्ची के लिए शुक्रवार का दिन भी कुछ ऐसा ही रहा। वन स्टॉप सेंटर एवं राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने नन्ही बच्ची को गोद में लेकर उसका नाम ‘कीर्ति’ रखा। डीएम द्वारा बच्ची को स्नेहपूर्वक गोद में उठाकर नामकरण किए जाने का दृश्य देख वहां मौजूद लोगों का माहौल भावुक हो गया।
शुक्रवार को जिलाधिकारी चर्चित गौड़ वन स्टॉप सेंटर एवं दत्तक ग्रहण इकाई का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने दोनों केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ वहां रह रहे बच्चों की सुविधाओं और देखभाल की जानकारी ली। दत्तक ग्रहण इकाई में वर्तमान में दो नवजात बच्चे आवासित मिले। इनमें गौरी जनवरी 2026 से इकाई में रह रही है, जबकि दुद्धी क्षेत्र से करीब छह दिन पूर्व रेस्क्यू की गई लगभग आठ दिन की नवजात बच्ची को भी यहां सुरक्षित रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी भी मौजूद रहीं। डीएम ने नन्ही बच्ची का नामकरण करते हुए बताया कि बच्चों की देखभाल में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रशासन का उद्देश्य केवल संरक्षण और आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित वातावरण, अपनापन और बेहतर भविष्य का अवसर उपलब्ध कराना है।
‘कीर्ति’ के लिए सोलर सिस्टम और किचन गार्डन की तैयारी
नन्ही कीर्ति के बेहतर और सुरक्षित माहौल को लेकर प्रशासन ने केंद्र की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने भवन में सोलर सिस्टम, किचन गार्डन और परिसर में इंटरलॉकिंग का कार्य सीएसआर के माध्यम से कराने के निर्देश दिए।
वहीं कार्यदायी संस्था डूडा को भवन की आवश्यक मरम्मत और अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों के साथ-साथ यहां आने वाली महिलाओं को भी सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
साफ-सफाई व्यवस्था मिली संतोषजनक –
निरीक्षण के दौरान परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। वन स्टॉप सेंटर में केंद्र प्रशासक सहित कुल 12 कार्मिक कार्यरत हैं। निरीक्षण के समय सात कार्मिक मौके पर उपस्थित मिले, जबकि अन्य शिफ्टवार ड्यूटी पर तैनात थे।
दत्तक ग्रहण इकाई में अधीक्षिका सहित कुल 10 कार्मिक कार्यरत हैं। इनमें चार मौके पर मौजूद मिले और अन्य कर्मचारी शिफ्टवार ड्यूटी कर रहे हैं। पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महिला आरक्षी की भी तैनाती है।
नामकरण के साथ सुरक्षित भविष्य का संदेश –
नन्ही ‘कीर्ति’ का नामकरण महज एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि प्रशासन की ओर से संरक्षण की जरूरत वाले बच्चों को सुरक्षा, स्नेह, सम्मान और बेहतर बचपन देने की प्रतिबद्धता का संदेश भी बना। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को बच्चों की जरूरतों और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इस मौके पर प्रभारी जिला प्रोबेशन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक दीपिका सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।






