आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । ग्राम पंचायत अधिकारियों की विभिन्न लंबित मांगों के निस्तारण में हो रही देरी के विरोध में अब प्रदेश स्तर पर आंदोलन की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में जनपद के सभी ग्राम पंचायत अधिकारी, संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार दुबे के नेतृत्व में 4 अक्टूबर की शाम को लखनऊ के लिए कूच करेंगे। अगले दिन 5 अक्टूबर को पंचायत राज निदेशालय, लोहिया भवन, लखनऊ में प्रस्तावित एक दिवसीय सांकेतिक शांतिपूर्ण धरने में शामिल होकर अपनी मांगों को शासन के समक्ष मजबूती से उठाएंगे।
ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार दुबे ने बताया कि “पंचायतों के कार्य एवं दायित्वों में लगातार वृद्धि हुई है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारियों की विभिन्न समस्याएं लंबे समय से निदेशालय स्तर पर लंबित हैं। ग्राम पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण विकास, स्वच्छता, पेयजल, डिजिटल प्रशासन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण दायित्व ग्राम पंचायत अधिकारियों पर है, लेकिन विभागीय स्तर पर उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं हो पा रहा है। संगठन ने 28 जून 2024 से लंबित ग्राम पंचायत अधिकारियों की अंतिम ज्येष्ठता सूची तत्काल जारी करने, लगभग 200 सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पदों पर लंबित विभागीय डीपीसी की तिथि घोषित करने, ऑडिट से संबंधित लंबित प्रकरणों के निस्तारण सहित कई मांगें उठाई हैं। इसके अलावा ग्राम पंचायत अधिकारियों को उनके मूल विभागीय दायित्वों के अतिरिक्त अन्य विभागों के कार्य सौंपे जाने पर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन का कहना है कि फॉर्मर रजिस्ट्र्री, ई-स्टेक सर्वे, फैमिली आईडी, हेल्थ कार्ड, समाज कल्याण विभाग के कार्य, गौशाला प्रबंधन, बोर्ड परीक्षा एवं सहकारी समितियों की ड्यूटी, पीएम सूर्य घर योजना सहित कई अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे हैं। इससे ग्राम पंचायत अधिकारियों के मूल विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने संबंधित विभागों से पत्राचार कर ग्राम पंचायत अधिकारियों का स्पष्ट ‘जॉब चार्ट’ जारी करने की मांग की है। संगठन की अन्य मांगों में ग्राम पंचायत अधिकारियों को उच्च श्रेणी का मोबाइल फोन एवं सीयूजी सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक मद से डेटा भत्ता अनुमन्य किए जाने की मांग भी शामिल है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पद समाप्त होने की स्थिति में ग्राम पंचायत अधिकारियों को तृतीय एसीपी का लाभ दिए जाने तथा पदोन्नति के अवसर बढ़ाने की मांग भी की गई है।”
जिलाध्यक्ष मनोज कुमार दुबे ने कहा कि “ग्राम पंचायत अधिकारी लगातार शासन की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और पंचायतों के विकास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जायज समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारियों के दायित्व लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मूलभूत समस्याओं और सेवा संबंधी मांगों के निस्तारण में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई जा रही है। संगठन ने लगातार विभागीय अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी हैं। अब प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 4 अक्टूबर की शाम को सोनभद्र से बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत अधिकारी लखनऊ कूच करेंगे और 5 अक्टूबर को प्रस्तावित सांकेतिक धरने में शामिल होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखेंगे। मनोज कुमार दुबे ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होगा, लेकिन मांगों के समाधान तक संगठन अपनी आवाज उठाता रहेगा।”
उन्होंने जनपद के सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों से निर्धारित कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।






