आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टिंग के नाम पर हो रही बिजली कटौती के खिलाफ किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने सोमवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली कटौती से आम उपभोक्ताओं के साथ किसान, नौजवान और छोटे कारोबारी भी परेशान हैं। गर्मी और उमस के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, वहीं किसानों को भी सिंचाई समेत अन्य कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संदीप मिश्र ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “यह सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है और उसके राज में ब्यूरोक्रेसी बेलगाम हो गई है।” उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी जनसरोकारों के बजाय दलगत राजनीति तक सीमित होती जा रही है। आम जनता को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं और जनता का उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है।”
बिजली पैदा करने वाले जिले में ही कटौती क्यों –
मोर्चा संयोजक संदीप मिश्रा ने कहा कि सोनभद्र को ऊर्जांचल की राजधानी के रूप में जाना जाता है। जनपद की धरती पर बड़े-बड़े विद्युत उत्पादन केंद्र स्थापित हैं, लेकिन इसी जिले के ग्रामीण इलाकों को रोस्टिंग के नाम पर घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस जिले की बिजली से दूसरे शहर रोशन हो रहे हैं, उसी जिले के लोगों को अंधेरे में रहने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है?
उन्होंने कहा कि सोनभद्र के लोग वर्षों से बिजली उत्पादन से जुड़े प्रदूषण और अन्य प्रभावों का सामना कर रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय लोगों को पर्याप्त बिजली न मिलना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि दीपक तले अंधेरा वाली स्थिति सोनभद्र के बिजली विभाग ने चरितार्थ कर दी है।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, सुधार नहीं तो बड़ा आंदोलन –
किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने विद्युत विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोस्टिंग के नाम पर अनावश्यक बिजली कटौती तत्काल बंद की जाए। यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो संगठन ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को साथ लेकर व्यापक आंदोलन करेगा।
प्रदर्शन के दौरान आकाश चौहान, शत्रुध्न बिंद, संजय बियार, भोलू गुप्ता, विजय चौहान, दिनेश चेरो, बिंदू खरवार, विनय पासवान, सुमंत बिंद, हरिवंत बियार, रोहित मौर्या, अजय पटेल समेत बड़ी संख्या में नौजवान मौजूद रहे।





