आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । आरओबी निर्माण के नाम पर शहर की सड़कों पर यातायात व्यवस्था के साथ हो रहे लगातार प्रयोग अब आम लोगों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। सोमवार सुबह अचानक बदले डायवर्जन प्लान ने हालात को और बिगाड़ दिया और देखते ही देखते रेलवे फाटक के आसपास भीषण जाम लग गया। जाम में स्कूली बच्चे, अभिभावक, कर्मचारी और आम राहगीर घंटों परेशान होते रहे। हालात बिगड़ने की सूचना पर सदर विधायक भूपेश चौबे मौके पर पहुंचे तो वहां की अव्यवस्था देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा।
वहीं रेलवे फाटक पहुंचते ही विधायक ने मौके का जायजा लिया। लोगों की परेशानी और अस्त-व्यस्त यातायात व्यवस्था देखकर उन्होंने आरओबी निर्माण कंपनी के कर्मचारियों को जमकर लताड़ लगाई। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्य के नाम पर जनता को इस तरह की परेशानी में नहीं डाला जा सकता। निर्माण कंपनी को यातायात व्यवस्था के प्रति जिम्मेदारी तय करनी होगी और मौके पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
बिना सूचना डायवर्जन बदला, विधायक ने ट्रैफिक पुलिस को भी फटकारा –
विधायक की नाराजगी सिर्फ निर्माण कंपनी तक सीमित नहीं रही। बिना पूर्व सूचना डायवर्जन प्लान बदलने को लेकर उन्होंने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को भी कड़ी फटकार लगाई। विधायक ने सवाल उठाया कि जब सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है तो बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक रास्ता बदलने का फैसला आखिर किस आधार पर लिया गया? उन्होंने मौके पर ही बैरिकेडिंग खुलवाकर यातायात को सुचारू कराया और सीओ ट्रैफिक सुधीर सिंह को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगे से यातायात डायवर्जन को लेकर मनमाने तरीके से बदलाव न हो और जनता को पहले से पर्याप्त जानकारी दी जाए।
जनता को जाम में फंसाकर नहीं कराया जा सकता विकास –
सदर विधायक भूपेश चौबे ने अधिकारियों और निर्माण कंपनी को दो टूक कहा कि आरओबी का निर्माण जरूरी है, लेकिन निर्माण के नाम पर जनता को रोजाना जाम में फंसाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसी और ट्रैफिक पुलिस को आपसी समन्वय से ऐसी व्यवस्था बनानी होगी, जिससे निर्माण कार्य भी प्रभावित न हो और आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
सुबह बच्चों को लेकर निकलना भी हो गया है मुश्किल –
स्थानीय निवासी अजय सोनी ने कहा कि “सुबह अचानक डायवर्जन बदलने से स्थिति बेकाबू हो गई। स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके अभिभावकों को जाम के बीच काफी परेशानी उठानी पड़ी। उनका कहना था कि यातायात परिवर्तन की जानकारी पहले से दी जाती तो लोग वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल कर सकते थे।”
स्थानीय निवासी प्रमोद जायसवाल ने कहा कि “आरओबी निर्माण के कारण लोग पहले ही परेशान हैं। इसके बावजूद बार-बार यातायात व्यवस्था बदलने से समस्या और बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि सुबह के समय जब सड़कों पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है, उस समय ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे जाम की स्थिति पैदा ही न हो।”
वहीं संतोष सोनी ने कहा कि “विकास कार्य के दौरान परेशानी होना समझ में आता है, लेकिन बिना सूचना रास्ता बदल देना आम जनता के लिए परेशानी बढ़ाने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को स्थायी और स्पष्ट डायवर्जन प्लान बनाकर उसका सख्ती से पालन कराना चाहिए।”





