लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के भारी हंगामे और शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया। सरकार जहाँ अनुपूरक बजट की जनकल्याणकारी योजनाओं पर सार्थक चर्चा कराना चाहती थी, वहीं सपा सदस्य राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे पर बहस की मांग को लेकर लगातार अड़े रहे, जिससे तीन दिवसीय सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही तीन दिनों में महज पौने तीन घंटे ही संचालित हो सकी। निर्धारित समय से एक दिन पहले ही सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोलते हुए उनके रवैये को दलित, पिछड़ा, किसान, युवा और महिला विरोधी करार दिया। सीएम ने कहा कि सपा के नकारात्मक आचरण के कारण मानदेय वृद्धि, सामाजिक न्याय के महापुरुषों के सम्मान और जन-आकांक्षाओं से जुड़े 59 हजार करोड़ से अधिक के अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी, फिर भी विधानसभा ने इसे पारित कर दिया है।
हंगामे के बावजूद संक्षिप्त सत्र में विधायी कामकाज निपटाया गया, जिसके तहत 12 महत्वपूर्ण संशोधनों एवं जनहित से जुड़े विधेयकों को पारित किया गया। इनमें राजस्व संहिता संशोधन विधेयक, दंड विधि संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक और विनियोग विधेयक प्रमुख हैं। डिजिटल संसदीय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाते हुए इस बार 95 प्रतिशत से अधिक प्रश्न ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त किए गए और उनके उत्तर भी डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए गए। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सपा चाहे जितना अवरोध पैदा करे, डबल इंजन सरकार हर वर्ग के कल्याण, पेंशन में वृद्धि, आंगनवाड़ी व रसोइयों के मानदेय बढ़ोतरी तथा विकास कार्यों को बिना रुके निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





