लखनऊ। हाल ही में शुरू हुए 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह सड़क धंसने और घटिया निर्माण के मामले में नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मरम्मत का काम पूरा होने तक इस एक्सप्रेसवे को यात्रियों के लिए पूरी तरह टोल-फ्री कर दिया गया है तथा इससे होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई निर्माण एजेंसी से की जाएगी। इसके साथ ही एनएचएआई ने लखनऊ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है और उनकी जगह बरेली के प्रोजेक्ट डायरेक्टर नवरतन को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, निर्माण काल के दौरान तैनात रहे पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की गई है।
गोमतीनगर स्थित एनएचएआई कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल ने बताया कि 4200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर बीते 20 दिनों में पांच स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई थीं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर निर्माण एजेंसी ‘पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड’ को अयोग्य घोषित कर दिया गया है, जिससे वह भविष्य में एनएचएआई के टेंडरों में हिस्सा नहीं ले सकेगी। एजेंसी को अपने ही खर्च पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से प्रभावित हिस्सों की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त ‘थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ को भी डिबार करने का नोटिस जारी किया गया है, जबकि इससे पूर्व निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर और दो इंजीनियरों को दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।
सड़क के घटिया निर्माण और मूल कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच के लिए आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम नियुक्त की गई है, जो लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से सड़क की सतह और खुरदरेपन की जांच कर हफ्ते भर में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उल्लेखनीय है कि बीती 13 जुलाई को शुरू हुए इस एक्सप्रेसवे पर चार पहिया वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 275 रुपये तय किया गया था, जिसे देश में सबसे महंगा टोल माना जा रहा है। जांच रिपोर्ट और मरम्मत कार्य पूरा होने तक वाहन चालक इस मार्ग पर नि:शुल्क सफर कर सकेंगे।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





