कानपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम द्वारा चलाए जा रहे सख्त चेकिंग अभियान के बावजूद शहर में मिलावटखोरी का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को पनकी के इस्पातनगर स्थित ‘पीतांबरा इंटरप्राइजेज’ नामक मसाला निर्माण इकाई में एफएसडीए की टीम ने औचक छापेमारी कर एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया। यहां साबुत हल्दी के बजाय चावल के टुकड़ों में पीला केमिकल रंग मिलाकर धड़ल्ले से नकली हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से करीब 5.86 लाख रुपये का संदिग्ध माल 11 कर छह अलग-अलग नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय संजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंची खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जब फैक्टरी में जांच शुरू की, तो वहां बड़े पैमाने पर हल्दी पाउडर की पिसाई और पैकिंग होती मिली, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि पूरी इकाई में साबुत हल्दी का एक दाना भी बरामद नहीं हुआ। इसके स्थान पर चावल के बारीक टुकड़ों में हल्दी जैसा पीला लिक्विड कलर मिलाकर उसे पीसा जा रहा था। इसके अलावा मौके से मिर्च और धनिया पाउडर, मिर्च में मिलाया जाने वाला सिंथेटिक रंग और कई अन्य संदिग्ध सामग्रियां भी पाई गईं।
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से 77 बोरी चावल के टुकड़े, 42 बोरी मिलावटी हल्दी पाउडर, 30-30 किलो धनिया व मिर्च पाउडर और 20 किलो तैयार हल्दी समेत कुल 5,86,200 रुपये की सामग्री को जब्त कर सील कर दिया। सहायक आयुक्त संजय प्रताप सिंह ने बताया कि हल्दी, मिर्च, धनिया और लिक्विड कलर के नमूने जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद मिलावट की आधिकारिक पुष्टि होते ही संबंधित फर्म और उसके संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





