उत्तर प्रदेश में 32,679 सिपाही नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए आयोजित की जा रही तीन दिवसीय ऐतिहासिक लिखित परीक्षा बुधवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। परीक्षा के अंतिम दिन अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच रिकॉर्ड 75.94 फीसद अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जो बीते दो दिनों की उपस्थिति के मुकाबले काफी अधिक रहा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की कड़ी निगरानी और कड़े सुरक्षा मानकों के कारण अंतिम दिन भी परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश करने वाले तत्वों के मंसूबे धरे के धरे रह गए। बुधवार को कड़े चेकिंग अभियान के दौरान अलग-अलग परीक्षा केंद्रों से कूटरचित (फर्जी) दस्तावेज तैयार कर परीक्षा में बैठने का प्रयास करने वाले तीन शातिर अभ्यर्थियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही डिजिटल माध्यमों पर भी कड़ी नजर रखते हुए परीक्षा के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रम और अफवाह फैलाने वाले कई अकाउंट के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष डीजी एसबी शिरडकर ने पकड़े गए जालसाजों के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नोएडा के परीक्षा केंद्र मिहिर भोज पीजी कॉलेज में जब अभ्यर्थियों की ई-केवाईसी (e-KYC) कराई जा रही थी, तो एटा निवासी अभ्यर्थी अंकित कुमार का डेटा मिसमैच हो गया। गहनता से जांच करने पर पता चला कि उसने परीक्षा में बैठने के लिए एक पूरी तरह से कूटरचित और फर्जी आधार कार्ड बनवाया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इसी प्रकार की दूसरी घटना अलीगढ़ के डीएवी बालिका इंटर कालेज परीक्षा केंद्र पर सामने आई, जहां बुलंदशहर के रहने वाले अंकित नाम के युवक ने फर्जी आधार कार्ड के सहारे परीक्षार्थी लोकेश के नाम से परीक्षा में शामिल होने की कोशिश की। संदेह होने पर जब बायोमेट्रिक मिलान कराया गया तो उसकी पोल खुल गई और उसे भी दबोच लिया गया। इसके अलावा कानपुर नगर के लालू प्रसाद इंटरमीडिएट कालेज केंद्र से जौनपुर निवासी अभ्यर्थी नागेश कुमार को भी फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज बनाकर परीक्षा में धांधली करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
परीक्षा की सुचिता बनाए रखने के लिए भर्ती बोर्ड ने इस बार जमीनी सुरक्षा के साथ-साथ सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी अभूतपूर्व सख्ती दिखाई। बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर- 9454457951 पर आमजन से मिली गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस की साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई की। अलग-अलग सोशल मीडिया चैनलों पर परीक्षा के संबंध में भ्रामक, मनगढ़ंत और तथ्यहीन वीडियो व संदेश वायरल करने वाले तत्वों के खिलाफ राजधानी लखनऊ के थाना हुसैनगंज में कुल 6 एफआईआर दर्ज की गईं। बोर्ड के अपर सचिव सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने स्पष्ट किया कि तीन दिनों तक चली इस महापरीक्षा के दौरान अनुचित साधनों का प्रयोग करने, सॉल्वर बैठाने का प्रयास करने और सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली अफवाहें फैलाने के आरोप में कुल 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इस पूरे अभियान के दौरान अब तक कुल 9 शातिर अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





