वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार स्थित मियाना महाल में वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जे के प्रयास, मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित सैय्यद अजफर अली की लिखित तहरीर के आधार पर कैंट थाना पुलिस ने सोनभद्र के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात मेडिकल अफसर शोएब, अशफाक, सैय्यद असद अली, आजाद, आजम और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तहरीर के अनुसार, सैय्यद अजफर अली और उनके भाई संबंधित वक्फ संपत्ति के मूल वारिस हैं, जिनका नाम नगर निगम और जल संस्थान के अभिलेखों में भी दर्ज होने का दावा किया गया है। वर्ष 2016 में विपक्षी पक्ष की ओर से दायर किए गए वाद को उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण, लखनऊ ने 27 मार्च 2024 को निरस्त कर दिया था और पीड़ित पक्ष को ही वैध मुतवल्ली व काबिज माना था। आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के कार्य के बाद आरोपी पक्ष द्वारा विवादित भूमि पर कब्जा करने की नीयत से लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि गत 25 जून की रात आरोपियों ने मौके पर पहुंचकर गाली-गलौज और विवाद किया, लेकिन बाद में वे वहां से चले गए। इसके बाद 5 जुलाई को आरोपी करीब 10 अज्ञात लोगों के साथ पहुंचे और लोहे की रॉड से मकान में तोड़फोड़ का प्रयास किया। जब इसका विरोध किया गया, तो आरोपियों ने वादी के पुत्र के साथ मारपीट की और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। यही नहीं, 6 जुलाई को मोबाइल फोन पर भी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश व मामले की निष्पक्ष जांच में जुट गई है।





