उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी और तपिश की चपेट में है। बृहस्पतिवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्से गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों से झुलसते रहे। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रयागराज प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जो पूरे देश में दूसरे सबसे गर्म स्थान के रूप में सामने आया है। यहां अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सुल्तानपुर 43.8 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश में दूसरे स्थान पर रहा। रात का हाल भी कुछ ऐसा ही है, जहां फर्रुखाबाद में न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने के साथ सबसे गर्म रात रही।
भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए प्रदेश के 40 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, जालौन और हमीरपुर शामिल हैं। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों—सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, अमरोहा, संभल और बदायूं—में ‘वार्म नाइट’ की चेतावनी जारी की गई है, जिसका अर्थ है कि इन इलाकों में रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
हालांकि, लोगों को इस भीषण गर्मी से जल्द ही कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश भर में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लू के थपेड़ों तथा तेज तपिश से लोगों को फौरी तौर पर राहत मिल सकेगी।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"




