लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा चाक-चौबंद बनाने की दिशा में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के साथ एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि देश के सबसे बड़े रेल यातायात वाले राज्य उत्तर प्रदेश में यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने रेलवे नेटवर्क में सक्रिय अपराधियों, असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने विशेष रूप से चलती ट्रेनों और रेलवे परिसरों में होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए इसे पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक लहजे में कहा कि ट्रेनों पर पथराव कर यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले उपद्रवियों पर ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए जो दूसरों के लिए नजीर बने।
सुरक्षा व्यवस्था की धरातलीय समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक (डीजी) रेलवे ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में जीआरपी, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त गश्त, ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी सर्विलांस, डिजिटल सत्यापन और विशेष निरीक्षण ऐप के माध्यम से संदिग्धों की लगातार जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इन सघन अभियानों के चलते विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की वारदातों में पहले के मुकाबले उल्लेखनीय कमी आई है। इस पर सीएम योगी ने सुरक्षा तंत्र को और अधिक तकनीक-सक्षम और जवाबदेह बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिया कि रेलवे स्टेशनों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेनों के भीतर सुरक्षा को अभेद्य करने के लिए आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने आगामी त्योहारों, बड़े सांस्कृतिक आयोजनों और विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं के दौरान रेलवे स्टेशनों पर प्रभावी भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) सुनिश्चित करने की बात कही ताकि आम मुसाफिरों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न उठानी पड़े।
बैठक में महिला सुरक्षा, मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों के रेस्क्यू अभियानों की भी गहन समीक्षा की गई। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत इस वर्ष 1 जनवरी से 26 मई 2026 तक रिकॉर्ड 860 गुमशुदा बच्चों को सकुशल बरामद किया गया है, जबकि अन्य विशेष अभियानों के जरिए कुल 2325 लोगों को रेस्क्यू कर उनके बिछड़े परिवारों से मिलाया गया है। बैठक में यह गौरवपूर्ण जानकारी भी साझा की गई कि यूपी का हरदोई जीआरपी थाना अब उत्तर भारत का पहला आईएसओ-9001 (ISO-9001) प्रमाणित जीआरपी थाना बन चुका है, जो उत्कृष्ट कार्यप्रणाली को दर्शाता है। डीजी रेलवे ने बताया कि वर्ष 1867 में स्थापित उत्तर प्रदेश जीआरपी वर्तमान में 6 बड़े अनुभागों, 65 थानों और 89 अस्थायी चौकियों के जरिए प्रतिदिन 3031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1550 स्टेशनों और 30 लाख से अधिक दैनिक यात्रियों की सुरक्षा का विशाल जिम्मा संभाल रही है। मुख्यमंत्री ने अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए कोर्ट में प्रभावी पैरवी और अभियोजन व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुंभ के मद्देनजर उत्तर प्रदेश से गुजरने वाली ट्रेनों और स्टेशनों के लिए अभी से एक व्यापक, सुरक्षित और त्रुटिहीन भीड़ प्रबंधन की दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 2 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





