सोनभद्र। शासन की मन्शा के अनुरूप जिले की चारों तहसीलों में जून महीने के प्रथम शनिवार को ‘‘सम्पूर्ण समाधान दिवस‘‘ का आयोजन किया गया। दुद्धी तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन ऋषभ रुणवाल द्वारा संयुक्त रूप से शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को बेहद गंभीरता से सुना गया। इस दौरान समाधान दिवस में सबसे अधिक भूमि विवाद से सम्बन्धित मामले प्राप्त हुए, जिन पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने स्थलीय स्थिति की जॉच करने और पुलिस व राजस्व की संयुक्त टीम द्वारा प्रकरणों का मौके पर ही पारदर्शी निस्तारण कराने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये।
इसी दौरान भाजपा मण्डल अध्यक्ष दीपक शाह द्वारा जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के समक्ष भ्रष्टाचार से जुड़ी एक गंभीर शिकायत प्रस्तुत की गई। शिकायत में अवगत कराया गया कि एक राजस्व निरीक्षक का रिश्वत लेते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है, तथा संबंधित के विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिलाधिकारी ने इस शिकायत को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामले का संज्ञान लिया। प्रथम दृष्टया उपलब्ध तथ्यों और वीडियो के आधार पर सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान ही राजस्व निरीक्षक अखिलेश कुमार शुक्ला को जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के कड़े निर्देश भी जारी कर दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि जनपद में भ्रष्टाचार, अनियमितता एवं कर्तव्यों के प्रति लापरवाही किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन स्थापित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि भविष्य में भी किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार अथवा अनुचित आचरण की शिकायत प्राप्त होती है और जांच में आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित के विरुद्ध इसी तरह कठोर एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी के समक्ष जनता द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी में महिला चिकित्सक न होने की बड़ी समस्या भी उठाई गई। क्षेत्र की महिलाओं को होने वाली इस परेशानी को जिलाधिकारी ने तात्कालिक प्रभाव से संज्ञान में लिया और म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की महिला चिकित्साधिकारी डॉ. पल्लवी सिन्हा को सप्ताह में दो दिन के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अनिवार्य रूप से कार्य करने हेतु आदेशित कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने उपस्थित सम्बन्धित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि जनशिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ताओं का फीडबैक जरूर लिया जाये। निस्तारण ऐसा होना चाहिए जिससे कि शिकायतकर्ता को दोबारा किसी प्रकार की समस्या न हो और उनके प्रकरण का निस्तारण समय से किया जा सके। उन्होंने साफ कहा कि प्रत्येक प्रकरण को गम्भीरता से लेकर पूरी पारदर्शिता के साथ जॉच की जाये और निर्धारित समय सीमा के भीतर ही सटीक निस्तारण आख्या प्रस्तुत की जाये, जिसमें किसी भी स्तर पर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं होगी।
Author: Vinod Garg
2 years experience in the field of journalism.




