सोनभद्र। जनपद में सरकारी और प्राइवेट नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवकों को ठगी का शिकार बनाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां मेडिकल कॉलेज सहित अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर पांच युवकों से करीब 11.20 लाख रुपये की मोटी रकम ऐंठ ली गई। इतना ही नहीं, जालसाजों ने युवकों का विश्वास जीतने के लिए एक पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र (जॉइनिंग लेटर) तक थमा दिया। इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित युवक खुश होकर नौकरी जॉइन करने के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां उसे पता चला कि उसके हाथ में मौजूद नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी है। ठगी का शिकार होने का अहसास होने पर पीड़ितों ने मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई तहरीर में राॅबर्टसगंज कोतवाली क्षेत्र के गैंगुआर निवासी कृष्णकांत पटेल, बबुरा निवासी राहुल कुमार, कलवारी निवासी सुनील कुमार और रघुनाथपुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात पन्नूगंज थाना क्षेत्र के परसौटी गांव के रहने वाले सुशील कुमार मौर्या से हुई थी। सुशील कुमार मौर्या ने खुद को एसएम सीपीसी प्राइवेट कंपनी का नियमित और रसूखदार कर्मचारी बताया और दावा किया कि वह उन सभी की अच्छी जगह नौकरी लगवा देगा। उसने युवकों को अपने झांसे में लेते हुए कहा कि इसके लिए उन्हें कंपनी में डिमांड ड्राफ्ट के रूप में मोटी रकम जमा करनी होगी। उसकी बातों पर भरोसा करके राहुल ने 1.70 लाख, सुनील ने 1.80 लाख, मनोज ने 1.70 लाख और उनके एक अन्य साथी ने 1.90 लाख रुपये दे दिए। वहीं, कृष्णकांत पटेल से भी ऑनलाइन और कैश के माध्यम से दो लाख रुपये हड़प लिए गए।
पैसे लेने के बाद जब कई महीने बीत गए और नौकरी नहीं लगी, तो पीड़ितों ने अपने पैसे वापस मांगने के लिए दबाव बनाना शुरू किया। बार-बार तगादा करने पर आरोपी सुशील कुमार ने पीड़ितों की मुलाकात पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ऊंची निवासी मिंटू पटेल उर्फ अभिषेक से कराई। मिंटू पटेल ने भी उन्हें झूठा दिलासा दिया कि उनका पैसा कंपनी के पास सुरक्षित जमा है। उसने नया जाल बुनते हुए कहा कि इस समय मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रीशियन, ओटी टेक्निशियन और एक्सरे टेक्निशियन आदि के कई पद खाली हैं, जहां वह उनकी सेटिंग करा देगा। उसके इस नए भरोसे में आकर पीड़ितों ने अपने एक और मित्र की बात मिंटू से कराई, जिसने उसे इलेक्ट्रीशियन की नौकरी दिलाने का पक्का आश्वासन दिया। इसके बदले में जालसाज मिंटू ने अलग-अलग तारीखों में 80 हजार रुपये ऑनलाइन और 1.20 लाख रुपये कैश ले लिए।
इसके बाद शातिर आरोपी ने गत छह मार्च को पीड़ित को एक चमचमाता हुआ जॉइनिंग लेटर थमाया और निर्देश दिया कि वह 16 मार्च को तय समय पर मेडिकल कॉलेज पहुंचकर अपनी ड्यूटी संभाल ले। पीड़ित जब बड़े अरमानों के साथ 16 मार्च को मेडिकल कॉलेज पहुंचा और वहां के अधिकारियों को पत्र दिखाया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल प्रशासन ने साफ कर दिया कि ऐसा कोई नियुक्ति पत्र कॉलेज द्वारा जारी ही नहीं किया गया है और यह पूरी तरह फर्जी है। ठगी का शिकार हुए सभी युवक इसके बाद सीधे कोतवाली पहुंचे और नामजद शिकायत दर्ज कराई। राबर्ट्सगंज के प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा के मुताबिक, पीड़ितों की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ तत्काल संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश व मामले की विस्तृत कानूनी जांच में जुट गई हैं।
Author: Harsh Vardhan
7 years experience in the field of journalism.





