आज रात 8:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे, जिसे लेकर देशभर में उत्सुकता और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे महत्वपूर्ण समय पर हो रहा है जब देश की राजनीतिक फिजा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गहमागहमी तेज है। हालांकि, आधिकारिक रूप से संबोधन के विषय की जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों और आम जनता में इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मौजूदा राष्ट्रीय परिदृश्य, सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं के साथ-साथ देश की आधी आबादी के सशक्तीकरण पर अपनी बात रख सकते हैं। प्रधानमंत्री का यह संबोधन लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के एक दिन बाद हो रहा है, जिसने इसे और भी अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। विधेयक के गिरने के बाद बुलाई गई कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री ने अपनी स्पष्ट नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने विपक्ष के रुख को देश की महिलाओं के अधिकारों का विरोध करार दिया और इसे एक बड़ी भूल बताया। उन्होंने बैठक में कड़े शब्दों में कहा कि विपक्ष की इस संकीर्ण सोच का अंजाम उन्हें भुगतना पड़ सकता है। पीएम मोदी ने शुक्रवार को सभी लोकसभा सदस्यों से अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर विधेयक के पक्ष में मतदान करने की भावुक अपील की थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया था कि अब समय आ गया है कि देश की महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी उचित भागीदारी मिले और कोई भी ऐसा कदम न उठाया जाए, जिससे भारत की नारी शक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचे। अब देश की नजरें आज रात 8:30 बजे होने वाले प्रधानमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकार महिला आरक्षण और अन्य अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर आगे की क्या रणनीति अपनाएगी।





