सदर विधायक का सख्त तेवर: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर अफसरों को लगाई फटकार, बोले- नहीं सुधरे तो छुड़वा देंगे बोकला

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हर्षवर्धन, सोनभद्र। जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बावजूद गांवों तक पानी न पहुंचने की गंभीर समस्या पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को एडीएम नमामि गंगे रोहित यादव के साथ हुई समीक्षा बैठक में विधायक ने कार्यदाई संस्था के अधिकारियों और इंजीनियरों के ‘नक्कारेपन’ पर जमकर नाराजगी जताई। परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार और बहानेबाजी से बिफरे विधायक ने अधिकारियों को दो-टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और जनता को पानी नहीं मिला, तो वह अधिकारियों का ‘बोकला’ (चर्बी) छुड़वा देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान विधायक ने नगवां, तेंदुडाही, बेलाही और हर्रा परियोजनाओं की बिंदुवार जानकारी ली। इन परियोजनाओं का काम कागजों पर पूरा होने के बावजूद धरातल पर जलापूर्ति ठप होने को लेकर उन्होंने तीखे सवाल किए। बैठक में जब अधिकारियों ने बिजली कटौती, निर्माण कार्यों के कारण पाइप लीकेज और बालू खनन से नदी की धारा बदलने जैसे तर्क दिए, तो विधायक ने इन्हें महज बहानेबाजी करार दिया। विशेष रूप से गोटीबांध के भलहुनिया टोले में पानी न पहुंचने की शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन चंदौली जिले की सीमा से गुजरने के कारण लीकेज की समस्या आ रही है, जिस पर विधायक ने तत्काल समाधान निकालने के निर्देश दिए।

विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि इस योजना में आम जनता के टैक्स का पैसा लगा है और सरकार हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस जनकल्याणकारी कार्य में बाधा बनेगा, उसे कड़ा सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की प्यास के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ वह किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में प्रभारी एक्सईएन अनिल कुमार मौर्य सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें विधायक ने तय समय सीमा के भीतर सभी लीकेज ठीक कर सुचारू जलापूर्ति सुनिश्चित करने की अंतिम हिदायत दी है।

AJEET KUMAR SINGH
Author: AJEET KUMAR SINGH

अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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