Sonbhadra News : एचआईवी-एड्स की रोकथाम और उपचार की दी गई जानकारी, स्वास्थ्य अधिकारियों का हुआ संवेदीकरण

SHARE:

आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)

सोनभद्र । एचआईवी-एड्स संक्रमण की रोकथाम, समय पर पहचान और प्रभावी उपचार सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीआई नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह-संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी और पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों को एचआईवी-एड्स नियंत्रण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देकर प्रशिक्षित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर डॉ0 निधि टंडन, दीपक तिवारी, अवंतिका तथा दिशा टीम ने विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। इस दौरान डॉ0 अमित कुमार चौहान एवं प्रज्ञा रघुवंशी, डीएम-डीओ मिर्जापुर ने भी प्रतिभाग किया।

कार्यशाला में एचआईवी-एड्स, राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीआई नियंत्रण कार्यक्रम की संरचना, जिला एड्स नियंत्रण अधिकारी की भूमिका, एचआईवी एवं एसटीआई स्क्रीनिंग, एआरटी, एचएस, ओएचटी तथा समुदाय आधारित आईआरबी सहित एचआईवी रोकथाम सेवाओं से संबंधित विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।

कानूनी प्रावधानों और रोकथाम सेवाओं पर विशेष जोर –

कार्यशाला के दौरान एचआईवी-एड्स से संबंधित कानूनी प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य अधिकारियों को कानूनी प्रावधानों, मरीजों के अधिकारों और एचआईवी से जुड़े मामलों में निर्धारित जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।

प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को जिला स्तर पर एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम की बेहतर योजना बनाने, प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी और कौशल प्रदान किया गया। उम्मीद जताई गई कि इस प्रशिक्षण से जिले में एचआईवी संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार सेवाओं को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के निर्धारित उद्देश्यों और 95-95-99 लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में जिला स्तर पर प्रयासों को गति देने पर भी जोर दिया गया।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद ने कहा कि “एचआईवी-एड्स की रोकथाम के लिए समय पर जांच, संक्रमण की शीघ्र पहचान और मरीजों को उचित उपचार से जोड़ना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित करने का उद्देश्य जिला स्तर पर एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता, नियमित स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय से संक्रमण की रोकथाम के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। साथ ही, एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव से बचते हुए उन्हें सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।”

कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 गुलाब शंकर यादव, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 कीर्ति आजाद बिंद, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 प्रेमनाथ, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुबेदार प्रसाद और डॉ0 सुमन जायसवाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Anand Kumar Chaubey
Author: Anand Kumar Chaubey

9 years experience in Journalism....

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow Us Now