आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । खनन बैरियर से बचने के लिए हाईवे को ही पार्किंग स्थल बनाना अब गिट्टी-बालू का परिवहन करने वाले ट्रक संचालकों को भारी पड़ने लगा है। ट्रक चमेालकों द्वारा नियमों को ताक पर रखने की इस कथित जुगत ने अब आम राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खनन बैरियर से बचने के लिए स्टेट हाईवे-5 पर ट्रकों को अनाधिकृत रूप से खड़ा कर यातायात बाधित करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने सख्त कार्यवाही की है। ट्रकों की इस मनमानी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाईवे पर लगे जाम लमें एक एंबुलेंस तक फंस गई। यानी कुछ लोगों की सुविधा और कथित बचाव की कोशिश के चलते मरीज की जिंदगी बचाने वाली आपातकालीन सेवा भी रास्ते में अटक गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने 16 ट्रक मालिकों और 16 चालकों समेत 32 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
दरअसल, टोल प्लाजा के पास खनन बैरियर से बचने के उद्देश्य से ट्रकों को स्टेट हाईवे-5 पर अनाधिकृत तरीके से खड़ा किया जा रहा था। एक-दो वाहनों तक सीमित रहने वाली स्थिति ने देखते ही देखते जाम का रूप ले लिया। शक्तिनगर की ओर से आने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने लगी और सड़क पर लंबी कतारें लग गईं। इस अव्यवस्था के बीच गुरुवार को एंबुलेंस का फंसना यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन गया। सवाल यह है कि आखिर खनन बैरियर से बचने की कोशिश में सार्वजनिक सड़क को अपनी निजी पार्किंग समझ लेने का अधिकार इन वाहन संचालकों को किसने दे दिया?
एसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस का एक्शन, 32 लोगों पर कानूनी शिकंजा –
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश पर यातायात पुलिस ने कार्रवाई की। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मेविस टॉक, क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा एवं क्षेत्राधिकारी यातायात सुधीर सिंह के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक यातायात नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पहले जाम खुलवाया और यातायात व्यवस्था बहाल कराई। इसके बाद मामले में कार्यवाही करते हुए 16 वाहन स्वामियों और 16 चालकों सहित कुल 32 व्यक्तियों के विरुद्ध थाना रॉबर्ट्सगंज में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया गया।
गिट्टी-बालू के परिवहन की आड़ में मनमानी पर पुलिस सख्त –
जनपद में गिट्टी-बालू के परिवहन को लेकर नियमों की अनदेखी और उससे जुड़ी अव्यवस्थाओं पर पुलिस ने सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। खनन बैरियर से बचने के लिए हाईवे पर वाहनों को खड़ा करना न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, मरीजों और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी खतरे में पड़ती है। पुलिस की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक मार्गों को बाधित कर अपनी सुविधा का रास्ता बनाने वालों के खिलाफ अब कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
क्या बोले एसपी –
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने कहा कि “जनपद में अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के साथ ही यातायात व्यवस्था बाधित करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्यवाही की जाएगी। खनन बैरियर से बचने के लिए हाईवे अथवा सार्वजनिक मार्गों पर अनाधिकृत रूप से वाहन खड़ा करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस तरह की गतिविधियों से आमजन को परेशानी होती है और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। उन्होंने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने तथा आम नागरिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन स्वामियों और चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही जारी रहेगी।”
Author: Anand Kumar Chaubey
9 years experience in Journalism....






