लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाले बयान पर तीखा कटाक्ष किया है। शायराना अंदाज में तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते’। सपा अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल भाषणों और जुमलों से जनता की वास्तविकता तय नहीं होती, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी अब लोकसभा और विधान परिषद के चुनावों में हार का मुंह देख चुकी है। उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी तक में भाजपा की डबल इंजन सरकार को डबल हार का सामना करना पड़ा है, जिससे पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी फूट अब पूरी तरह उजागर हो गई है। विधान परिषद में समाजवादी पार्टी की लगातार बढ़ रही संख्या का हवाला देते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज करेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी महिलाओं को भाजपा से कहीं अधिक संख्या में चुनावी मैदान में टिकट देगी। वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को गठबंधन के तहत सीटें दिए जाने के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सीटें सपा के खाते में नहीं गिनी जाएंगी और राजनीतिक परिस्थितियों में कई बार कुछ मामलों पर चुप रहना ही बेहतर होता है।
रविवार को दिल्ली में आयोजित होने वाली ‘इंडिया’ गठबंधन की विशाल रैली में शिरकत करने की जानकारी देते हुए सपा प्रमुख ने एक बार फिर चुनाव आयोग और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है, फर्जी रूप से फॉर्म-7 भरवाए जा रहे हैं और विपक्षी दलों के वोट काटे जा रहे हैं, लेकिन तमाम शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की मांग करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग के सामने प्रस्ताव रखा कि ग्रामसभा स्तर पर उपलब्ध बायोमीट्रिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाए, कागजी और प्लास्टिक के स्थान पर मेटल (धातु) के आधार कार्ड बनाए जाएं तथा पूरी मतदाता सूची को आधार कार्ड से अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





