राजधानी लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका, शिक्षा के माध्यम से संस्कार निर्माण और समाज के प्रति उनके नैतिक दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला में प्रदेश भर से आए शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न ज्वलंत विषयों पर अपने अनुभव व विचार साझा किए। उपस्थित वक्ताओं ने विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, देशप्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। इस भव्य गरिमा कार्यशाला में अखिल विश्व गायत्री परिवार से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रबुद्ध शिक्षक और कई अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान या शिक्षा देने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भावी पीढ़ी के व्यक्तित्व, दृष्टिकोण और चरित्र का निर्माण करने वाले मुख्य शिल्पकार हैं। आज का युवा ही कल के भारत का भाग्य विधाता बनेगा। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का अंतिम उद्देश्य केवल रोजगार पाना नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज व देश के प्रति समर्पित, जिम्मेदार और संस्कारवान नागरिक तैयार करना है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों का भी बीजारोपण करें, ताकि एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण हो सके।
Author: NAV HIND SAMACHAR
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