आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
• आक्रोशित परिजनों ने वाराणसी पॉली हॉस्पिटल में जमकर काटा बवाल
• हॉस्पिटल के विरुद्ध कार्यवाही के बगैर शव नहीं उठाने पर अड़े परिजन
सोनभद्र । निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। रॉबर्ट्सगंज में पथरी के ऑपरेशन के बाद एक 50 वर्षीय महिला की मौत ने निजी अस्पतालों की उपचार व्यवस्था पर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज स्थित वाराणसी पॉली हॉस्पिटल में पथरी का ऑपरेशन होने के कुछ ही समय बाद महिला की हालत बिगड़ गई और उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। वहां स्टार हॉस्पिटल पहुंचने पर इलाज शुरू करने के लिए 35 हजार रुपये मांगे गए। रकम तत्काल उपलब्ध नहीं होने के कारण करीब चार घंटे तक इलाज शुरू नहीं हो सका बाद में 20 हजार रुपये जमा करने के बाद उपचार शुरू हुआ, लेकिन तब तक महिला की सांसें थम चुकी थीं। महिला की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और वे शव लेकर वापस रॉबर्ट्सगंज स्थित वाराणसी पॉली हॉस्पिटल पहुंच गए, जहां अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और कार्यवाही की मांग पर अड़ गए।
वहीं मृतका के पति श्रीनिवास ने बताया कि “वह अपनी पत्नी रॉबर्ट्सगंजथ थाना क्षेत्र के होना ठेकहिया गांव निवासी रुक्मणी (50वर्ष) को पथरी की समस्या के चलते सोमवार को रॉबर्ट्सगंज स्थित वाराणसी पॉली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था और उनका आज मंगलावर दोपहर में उनकी पत्नी का पथरी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के कुछ समय बाद ही महिला की हालत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर अस्पताल की ओर से महिला को अपने एंबुलेंस से वाराणसी स्थित स्टार हॉस्पिटल भेज दिया गया। परिजन आनन-फानन में महिला को लेकर वाराणसी के लिए निकले, लेकिन हॉस्पिटल में छोड़कर एंबुलेंस चालक फरार हो गया और इलाज के अभाव में उसकी पत्नी की मौत हो गई।”
शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन, जमकर हंगामा –
महिला की मौत से आक्रोशित परिजन शव लेकर वापस रॉबर्ट्सगंज स्थित वाराणसी पॉली हॉस्पिटल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। परिजन इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे।
हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए परिजनों को शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाने का प्रयास किया, ताकि महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। हालांकि खबर लिखे जाने तक परिजन अस्पताल के विरुद्ध कार्यवाही की मांग पर अड़े हुए थे।
ऑपरेशन के बाद अचानक बिगड़ी हालत ने खड़े किए सवाल –
महिला का ऑपरेशन होने के कुछ ही समय बाद हालत बिगड़ना, फिर तत्काल रेफर किया जाना और वाराणसी स्थित हॉस्पिटल में 35 हजार रुपए की जमा करने के बाद इलाज शुरू करने और चार घंटे तक इलाज के अभाव में मरीज की मौत हो जाना अस्पताल की उपचार व्यवस्था पर कई सवाल खड़े करता है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर फिर उठे सवाल –
इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में मरीजों के इलाज, ऑपरेशन से पहले की जांच, ऑपरेशन के बाद निगरानी और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह भी है कि यदि मरीज की हालत ऑपरेशन के बाद गंभीर हुई तो अस्पताल में उसे तत्काल आवश्यक उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई थीं या नहीं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं और मानकों की निगरानी कितनी प्रभावी है, यह भी जांच का विषय है। फिलहाल पुलिस परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए समझाने में जुटी है।





