आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । करीब दो वर्ष पूर्व मारपीट के दौरान नंदू की मौत के मामले में मंगलवार को सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया। सत्र न्यायाधीश राम सुनील सिंह की अदालत ने मामले में दोषसिद्ध पाए गए अभियुक्त सुख सिंह को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
मंदिर पर बुलाकर मारपीट करने का आरोप –
अभियोजन पक्ष के अनुसार बभनी थाना क्षेत्र के मचबंधवा निवासी मृतक नंदू की पत्नी लालती ने 28 अगस्त 2024 को बभनी थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया था कि 27 अगस्त 2024 की रात करीब दो बजे उसके पति नंदू को फोन कर रामनयन पुत्र शिवकुमार, कृष्णानंद पुत्र रामदेव और मंदिर के पुजारी संजय पंडित ने मंदिर पर आने के लिए कहा।
बताया गया कि नंदू अपने पड़ोसी रवि कुमार उर्फ राजन पुत्र रामसरन को साथ लेकर मंदिर पहुंचा। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद सुख सिंह ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट में गंभीर चोट लगने से नंदू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रवि कुमार उर्फ राजन गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल रवि को उपचार के लिए बभनी अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने दाखिल की थी चार्जशीट –
मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर बभनी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्क सुने गए। अदालत ने गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद सुख सिंह को दोषसिद्ध पाया।
अदालत ने सुनाई सजा –
दोषसिद्ध होने पर सत्र न्यायाधीश राम सुनील सिंह की अदालत ने सुख सिंह को 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतने का आदेश दिया गया।





