लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सामाजिक समरसता और महान राष्ट्रीय विभूतियों के सम्मान में स्थापित सार्वजनिक स्थलों के संरक्षण व विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने ‘डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति स्थल विकास योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में स्थित 4,030 अंबेडकर प्रतिमा स्थलों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कराने का निर्णय लिया है। योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 10-10 स्थलों को चुना गया है, जिसके लिए सरकार ने 403 करोड़ रुपये की बजट राशि अवमुक्त कर सभी जिलाधिकारियों के निवर्तन पर आवंटित कर दी है।
योजना का मुख्य उद्देश्य आवश्यक सुविधाओं से रहित, खुले में स्थापित प्रतिमाओं को मौसम, अतिक्रमण और उपेक्षा से सुरक्षित रखते हुए एक सम्मानजनक स्वरूप प्रदान करना है। इसके तहत प्रत्येक प्रतिमा स्थल के विकास हेतु औसतन 10 लाख रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि विशेष आवश्यकता के अनुसार अधिकतम 40 लाख रुपये तक की लागत से कार्य कराया जा सकेगा। इन स्थलों पर रैलिंगयुक्त स्टील की सीढ़ी, सुरक्षा बाउंड्री, छत, प्रकाश व्यवस्था, फिनिशिंग और हरियाली विकसित की जाएगी। इसके अलावा, अंबेडकर जी के जीवन परिचय व इतिहास को प्रदर्शित करने वाला 3×2.5 फीट का स्वीकृत सूचना बोर्ड भी लगाया जाएगा। यदि कोई प्रतिमा पुरानी अथवा क्षतिग्रस्त हो चुकी है, तो उसके स्थान पर संगमरमर की नई प्रतिमा स्थापित करने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है।
परियोजना के त्वरित और पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतरविभागीय समन्वय समिति गठित की गई है। विकास कार्यों का प्रस्ताव खंड विकास अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी या जिलाधिकारी को सौंपा जा सकता है, जिसके बाद चयनित कार्यदायी संस्थाओं द्वारा निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। शासन ने इस महत्वाकांक्षी योजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने की कड़ी समयसीमा निर्धारित की है ताकि प्रदेश भर में सामाजिक सुधारकों की सार्वजनिक स्मृति और राष्ट्रीय विरासत को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित स्वरूप में भावी पीढ़ी के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।
Author: AJEET KUMAR SINGH
अजीत कुमार सिंह, नव हिंद समाचार (न्यूज़ एजेंसी) के उत्तर प्रदेश स्टेट हेड के रूप में कार्यरत्त हैं, जिनके पास पत्रकारिता का 3 साल का अनुभव है। अपनी तीव्र रिपोर्टिंग, रणनीतिक सोच और फील्ड वर्क में महारत के साथ, वह उत्तर प्रदेश में एजेंसी को प्रभावी ढंग से संभाल रहे हैं। अजीत जमीनी स्तर के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने और निष्पक्ष पत्रकारिता के माध्यम से समाज में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"





