आनन्द कुमार चौबे (संवाददाता)
सोनभद्र । राशन कार्ड बनवा कर अनाज ना लेने वालों के लिए बुरी खबर। छह माह तक अनाज उठाना ना होने पर अब उनके कार्ड को निष्क्रिय कर दिया जाएगा। विभाग ने कोटेदारों को इसे लेकर अवगत करा दिया है साथ ही कार्डधारक को 90 दिन का समय जबाव देने के लिए दिया जाएगा।
बताते चलें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार ने लागू किया था। उस दौरान गरीबों और पात्रों को दो और तीन रुपये किलो में गेहूं एवं चावल सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर दिया जाता था। इससे देश में भूखमरी, लोगों को भोजन मिलने में काफी मदद मिली थी। सत्ता परवर्तन के बाद भाजपा सरकार ने योजना को और वृहद रूप देने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे देश की बड़ी आबादी को लाभांवित कराया। इतना ही नहीं, महामारी कोविड के आने के बाद देश में लॉक डाउन लगा दिया था। उस दौरान सरकार ने सभी कार्डधारकों को मुफ्त में अनाज देने का ऐलान किया था, जिसका क्रम आज भी जारी है। करोड़ों की संख्या में लोगों को अनाज मुहैया कराने के सरकार के कदम को पूरी दुनिया ने सराहा। वहीं सूबे के अति पिछड़े जिले में शामिल जनपद सोनभद्र में बड़ी संख्या में आदिवासी, मजदूर, भूमिहीन निवास करते हैं। उन्हें योजना से बड़ा फायदा मिल रहा है।
जिलापूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता ने बताया कि “छह माह तक लगातार अनाज का उठान ना करने वालों का कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा। पहले ही दुकानदारों को इससे अवगत करा दिया गया है। दावा किया कि जिले में फर्जी एवं वोगस कार्डधारक नहीं है।”





